बिलासपुर में धान परिवहन की अव्यवस्था, तीन महीने बाद भी नहीं हुआ उठाव

बिलासपुर जिले में धान खरीदी के बाद अब उसके परिवहन और भंडारण को लेकर गंभीर अव्यवस्था सामने आ रही है। खरीदी शुरू हुए लगभग तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक धान उठाव की प्रक्रिया सही तरीके से शुरू नहीं हो पाई है।
जिले के कई खरीदी केंद्रों में धान से भरी बोरियों के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। कई जगह धान खुले आसमान के नीचे रखा है, जिससे बारिश और नमी के कारण उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। समय पर उठाव नहीं होने से किसानों के साथ-साथ खरीदी केंद्रों के कर्मचारियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, धान परिवहन की दरें तय न होने के कारण ठेका प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से धान के परिवहन में लगातार देरी हो रही है। दूसरी ओर, हमालों और दिहाड़ी मजदूरों को कई महीनों से पूरा भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनमें नाराज़गी और असंतोष का माहौल है। मजदूरों के काम पर न आने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
अधिकारियों की ओर से भी स्थिति साफ नहीं है। कहीं टेंडर प्रक्रिया अधूरी बताई जा रही है, तो कहीं उसके पूरा होने के दावे किए जा रहे हैं। कुछ केंद्रों से धान सीधे राइस मिल भेजे जाने की चर्चा जरूर है, लेकिन इस संबंध में अब तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है।
धान खरीदी और परिवहन जैसी अहम प्रक्रिया में हो रही यह लापरवाही किसानों, मजदूरों और शासन—तीनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार विभाग कब तक ठोस कदम उठाकर व्यवस्था को दुरुस्त करता है।





