CU में साहित्यकार के अपमान पर बवाल, कुलपति के खिलाफ देशभर में आक्रोश

बिलासपुर।गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित एक राष्ट्रीय साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ साहित्यकार के कथित अपमान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर देशभर के साहित्यकारों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। विवाद अब सिर्फ विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीति और शासन के उच्च स्तर तक पहुंच गया है।
दरअसल, 7 जनवरी को विश्वविद्यालय में “समकालीन हिंदी कहानी” विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित किया गया था। इसमें देश के कई जाने-माने साहित्यकार शामिल हुए थे। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति आलोक कुमार चक्रवाल के उद्बोधन से हुई। आरोप है कि कुलपति विषय पर बोलने के बजाय व्यक्तिगत बातें करने लगे।
इसी दौरान महाराष्ट्र से आए प्रसिद्ध साहित्यकार मनोज रूपड़ा ने शालीन तरीके से कुलपति से विषय पर आने का आग्रह किया। बताया जा रहा है कि इसी बात पर कुलपति नाराज हो गए और मंच से ही मनोज रूपड़ा को बाहर जाने को कह दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें कार्यक्रम से आपत्ति है, वे भी बाहर जा सकते हैं। यह पूरी घटना वहां मौजूद लोगों के सामने हुई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सफाई दी है। मीडिया प्रभारी का कहना है कि साहित्यकार द्वारा कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिसके बाद कुलपति ने प्रतिक्रिया दी। हालांकि, इस बयान को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है।
वहीं, साहित्यकार मनोज रूपड़ा ने साफ कहा है कि उन्होंने कोई अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन के रवैये को साहित्य और साहित्यकारों के सम्मान के खिलाफ बताया है।
मामले के राजनीतिक रंग लेने के बाद कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कुलपति को पद से हटाने की मांग की है। इसके बाद विवाद और गंभीर हो गया है। कई साहित्यिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
फिलहाल, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय का यह मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। साहित्य जगत एकजुट होकर सम्मान और न्याय की मांग कर रहा है। अब सबकी नजर शासन और राष्ट्रपति स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।





