मीटर के नाम पर लूट का आरोप: ग्राम करवा में बिजली विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बिलासपुर जिले के ग्राम करवा (तहसील बेलगहना, थाना कोटा) से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के ग्रामीणों ने मीटर लगाने के नाम पर अवैध वसूली, फर्जी बिजली बिल और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए सामूहिक शिकायत दर्ज कराई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 2–3 महीनों से गांव में नए बिजली मीटर लगाए जा रहे हैं। इस दौरान मीटर और केबल लगाने आए कर्मचारियों ने कई परिवारों से 8 से 10 हजार रुपये नकद मांगे, वह भी बिना किसी रसीद के। पैसे देने से मना करने पर उन्हें धमकाया गया और दबाव बनाया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग सालों पहले गांव छोड़ चुके हैं, उनके नाम पर आज भी बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। यहां तक कि मृत लोगों के नाम पर भी वर्षों बाद बिल जारी कर उनके परिजनों से वसूली की जा रही है, जिससे परिवारों को मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गांव में कई ऐसे घर बताए गए हैं जहां कभी मीटर लगा ही नहीं या लंबे समय से बिजली का इस्तेमाल नहीं हुआ, फिर भी भारी भरकम बिल भेज दिए गए। कुछ मामलों में तो ऐसे मीटर नंबरों पर भी बिल जारी किए गए, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नकद राशि देने से इनकार करने पर एक परिवार को ₹41,453 का प्रोविजनल चेकिंग बिल थमा दिया गया, जबकि अन्य घरों में कोई जांच तक नहीं की गई। ग्रामीणों ने 2 और 3 जनवरी को आपत्ति आवेदन, आरटीआई और जनशिकायत दर्ज कराई, लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी न तो जांच हुई, न फाइनल बिल दिया गया और न ही अस्थायी बिजली कनेक्शन।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत अस्थायी बिजली कनेक्शन दिया जाए, गलत बिलों की निष्पक्ष जांच हो, अवैध वसूली करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है।





