शिलान्यास कार्यक्रम अचानक रद्द, सकरी में सियासी चर्चाएं तेज

बिलासपुर। सकरी क्षेत्र में प्रस्तावित शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम सोमवार को अचानक रद्द कर दिया गया। कार्यक्रम रद्द होने की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और भाजपा की अंदरूनी खींचतान को लेकर सवाल उठने लगे।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं नगरी प्रशासन मंत्री अरुण साव को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन सोमवार सुबह अचानक इसके स्थगित होने की सूचना दी गई, जिससे कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में भी हैरानी देखने को मिली।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि कुछ अतिरिक्त विकास कार्यों को कार्यक्रम में शामिल किया जाना है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। हालांकि, सिर्फ इसी वजह से कार्यक्रम टालने की बात को लेकर राजनीतिक गलियारों में संदेह भी जताया जा रहा है।



इसी बीच यह चर्चा भी सामने आई कि छपे हुए निमंत्रण पत्र में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का नाम शामिल नहीं था, जबकि अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम दर्ज थे। इसे लेकर नाराजगी की अटकलें लगाई जाने लगीं और कार्यक्रम रद्द होने की वजह इसी को माना जाने लगा।
हालांकि इन सभी अटकलों को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने खारिज कर दिया है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि पार्टी में किसी भी वरिष्ठ नेता की अनदेखी नहीं की गई है और सभी का सम्मान किया जाता है। उन्होंने बताया कि कुछ विकास कार्य अधूरे रह गए थे, इसलिए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है।
वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी साफ कहा कि कार्यक्रम स्थगित होने का कारण पूरी तरह तकनीकी और विकास कार्यों से जुड़ा है, इसका राजनीति या किसी नेता के नाम से कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल आधिकारिक तौर पर भले ही सभी चर्चाओं को नकार दिया गया हो, लेकिन कार्यक्रम के अचानक रद्द होने से सियासी सरगर्मी जरूर बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि शिलान्यास कार्यक्रम दोबारा कब आयोजित होता है।





