संदेशखाली में फिर भड़की हिंसा, टीएमसी नेता की गिरफ्तारी पर पुलिस पर हमला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले संदेशखाली एक बार फिर तनाव की चपेट में आ गया है। टीएमसी नेता मूसा मोल्ला को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया, जिसमें एक पुलिस अधिकारी समेत छह लोग घायल हो गए। हमलावरों ने पुलिस वाहन में भी तोड़फोड़ की। यह घटना शुक्रवार रात न्याजत थाने के राजबाड़ी पुलिस आउटपोस्ट क्षेत्र में हुई।
पुलिस के मुताबिक, मूसा मोल्ला पर अवैध रूप से जमीन कब्जाने का आरोप है। इसी मामले में अदालत ने संबंधित जमीन पर धारा 144 लागू कर रखी थी। आरोप है कि शुक्रवार रात अंधेरे का फायदा उठाकर मूसा उस जमीन पर दीवार बनवाने लगा, जिसकी सूचना पुलिस को मिली।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम बोयरमारी इलाके में मूसा के घर पहुंची और उसे थाने चलने को कहा। इसी दौरान मूसा ने अपने समर्थकों को बुला लिया और कथित तौर पर पुलिस पर हमला कर दिया। घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक इलाज के लिए मिनाखान अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। बोयरमारी-2 ग्राम पंचायत के प्रधान और उपप्रधान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए संदेशखाली से तृणमूल कांग्रेस विधायक सुकुमार महतो ने कहा कि यदि पार्टी से जुड़ा कोई भी व्यक्ति इस हिंसा में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि संदेशखाली इससे पहले भी हिंसक घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रहा है। जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर भी यहां हमला हुआ था, जब वह तृणमूल नेता शाहजहां शेख के घर छापेमारी के लिए पहुंची थी। उस घटना में ईडी के तीन अधिकारी घायल हुए थे।





