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Education Department’s Negligence: बिलासपुर में प्रमाण पत्र संकट,तीन महीने बाद भी आधे छात्रों के कागज अधूरे….

15 जनवरी की डेडलाइन,क्या प्रशासन पूरा कर पाएगा बच्चों का काम?

बिलासपुर जिले के शासकीय और अशासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने का कार्य पिछले तीन महीनों से लगातार जारी है, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है। (Education Department’s Negligence) हालात ऐसे हैं कि जिले के आधे से ज्यादा स्कूलों में अभी भी बड़ी संख्या में बच्चों के प्रमाण पत्र नहीं बन सके हैं। मिली जानकारी के अनुसार कई स्कूलों में केवल 40 से 50 प्रतिशत छात्रों के ही जाति और आय प्रमाण पत्र तैयार हो पाए हैं। इसके पीछे स्कूलों में लगातार छुट्टियां, कर्मचारियों की हड़ताल, तकनीकी दिक्कतें और प्रशासनिक सुस्ती जैसी कई वजहें सामने आ रही हैं।

छात्रों का भविष्य अधर में,बिलासपुर के स्कूलों में प्रमाण पत्रों की रफ्तार धीमी. (Education Department’s Negligence) 

कहीं दस्तावेज पूरे नहीं हैं तो कहीं ऑनलाइन प्रक्रिया में देरी हो रही है, जिसका सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है। प्रमाण पत्र नहीं बनने से छात्रों को छात्रवृत्ति, आरक्षण और अन्य शैक्षणिक योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। इसी मुद्दे पर जब बिलासपुर की जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है और 15 जनवरी तक सभी छात्रों के जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य में तेजी लाई जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन तय समय-सीमा यानी 15 जनवरी तक इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा कर पाएगा या फिर छात्रों को आगे भी इंतजार करना पड़ेगा। सभी की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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