Chaos On The MEMU Train: शहडोल–बिलासपुर मेमू में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़…
टूटे टॉयलेट, उखड़ी सीटें… मेमू ट्रेन में सफर जोखिम भरा....

शहडोल–बिलासपुर मेमू ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है। (Chaos On The MEMU Train) रोज हजारों यात्रियों को ढोने वाली यह ट्रेन बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। शहडोल–बिलासपुर मेमू ट्रेन के हालात बेहद चिंताजनक हैं। ट्रेन के आधे से ज्यादा कोचों के टॉयलेट की खिड़कियां टूटी हुई हैं या पूरी तरह गायब हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा और निजता दोनों खतरे में हैं।
शहडोल–बिलासपुर मेमू में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़… (Chaos On The MEMU Train)
सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों को उठानी पड़ रही है, जो मजबूरी में टॉयलेट का उपयोग तक नहीं कर पा रहीं। यात्रियों के अनुसार यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन नियमित निरीक्षण के बावजूद अधिकारियों को ये खामियां नजर नहीं आतीं। सिर्फ टॉयलेट ही नहीं, लगभग कोच की हालत भी जर्जर है।
कई सीटें फटी हुई हैं, कहीं गद्दे गायब हैं, तो कहीं लोहे के नुकीले हिस्से बाहर निकले हुए हैं, जिससे चोट लगने का खतरा बना रहता है। हैरानी की बात यह है कि ट्रेन के कोच और इंजन पर कहीं भी नाम का बोर्ड नहीं लगा है, जिससे यात्रियों को ट्रेन की पहचान करने में भी दिक्कत होती है। रेलवे इस ट्रेन से अच्छा राजस्व कमाती है, लेकिन यात्रियों को बदले में जोखिम भरा सफर मिल रहा है। अब देखना होगा की रेलवे के अधिकारी इस पर क्या सुधार करते हैं।





