रायपुर में जनवरी 2026 से पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने की तैयारी, अमरेश मिश्रा बन सकते हैं पहले कमिश्नर

रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसके लिए संबंधित कानून में बदलाव किया जा रहा है और इसे अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) के जरिए लागू करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि 31 दिसंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी मिल सकती है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो जनवरी 2026 से रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया जा सकता है। 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी मिश्रा अपनी सख्त कार्यशैली और अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
कमिश्नर को मिलेंगे मजिस्ट्रियल अधिकार
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस कमिश्नर को कई महत्वपूर्ण अधिकार मिल जाएंगे, जिनमें-
- शस्त्र (गन) लाइसेंस जारी करना
- धारा 144 लागू करना
- जरूरत पड़ने पर कर्फ्यू लगाने का निर्णय लेना
इससे कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।
कमिश्नर कार्यालय राजभवन के पास पुराने पुलिस मुख्यालय भवन में बनेगा। अधिकतर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कैसे शुरू हुई प्रक्रिया?
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलिस कमिश्नर सिस्टम लाने की घोषणा की थी। इसके बाद ADG प्रदीप गुप्ता की अगुवाई में एक समिति बनाई गई, जिसने महाराष्ट्र, ओडिशा, दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना के मॉडल का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार किया। इसी रिपोर्ट के आधार पर कानून का मसौदा बनाया गया है।
सरकार चाहती है कि यह व्यवस्था आगे चलकर प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी लागू की जा सके।
रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर पद के लिए इन नामों पर चर्चा चल रही है-
- अमरेश मिश्रा (आईजी रायपुर)
- संजीव शुक्ला (आईजी बिलासपुर)
- रामगोपाल गर्ग (आईजी दुर्ग)
- सुंदरराज पी (आईजी बस्तर)
- दीपक झा (आईजी सरगुजा)
- अजय यादव (आईजी)
अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगा।





