बिलासपुर नगर निगम में वेतन संकट: ठेका कर्मचारियों को महीनों से नहीं मिली तनख्वाह, भूखमरी की नौबत

बिलासपुर से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। नगर निगम में काम करने वाले ठेका कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। सरकार के साफ आदेश के बावजूद हालात यह हैं कि कई कर्मचारी 3 से 4 महीने से अपनी पगार का इंतजार कर रहे हैं। इससे उनके घरों में खाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
शासन का नियम है कि नियमित कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक और दैनिक व ठेका श्रमिकों को 7 तारीख तक वेतन मिल जाना चाहिए। लेकिन बिलासपुर नगर निगम में इस आदेश की अनदेखी हो रही है। मजदूरों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई अटक गई है और वे लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
सबसे हैरानी की बात यह है कि निगम के अधिकारियों ने खुद माना है कि ठेकेदारों को हर महीने भुगतान किया जा रहा है। मेयर ने भी ठेकेदारों को सख्त चेतावनी दी है। फिर सवाल उठता है जब ठेकेदारों के खाते में पैसे जा रहे हैं, तो ठेका कर्मचारियों को उनका हक क्यों नहीं मिल रहा?

8 से 9 हजार रुपये महीने कमाने वाले ये कर्मचारी अपने परिवार का गुजारा कैसे करें? किराया, बच्चों की फीस, इलाज और रोजमर्रा के खर्च अब भारी बोझ बन चुके हैं। कर्मचारी संगठनों ने भी इस मामले को लेकर शासन-प्रशासन से कई बार शिकायत की है, मगर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कुछ कर्मचारियों को बिना कारण एक जोन से दूसरे जोन भेज दिया गया, वहीं कुछ का नाम ही सूची से हटा दिया गया, जिससे उनकी तनख्वाह फंस गई है। श्रमिकों का दुख साफ झलकता है “काम हमसे, पैसा ठेकेदार खा रहा है।”
अब सबसे बड़ा सवाल यही है:
क्या नगर निगम प्रशासन इन मजदूरों को उनका हक दिलाएगा?
या फिर ठेका कर्मचारियों की यह पीड़ा ऐसे ही दबकर रह जाएगी?





