बिलासपुर–उरगा फोरलेन को मिली रफ्तार, जमीन विवाद सुलझा… डेढ़ साल बाद दोबारा शुरू हुआ निर्माण

बिलासपुर। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे बिलासपुर–उरगा फोरलेन एक्सप्रेस-वे के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अरपा नदी किनारे आउटर ढेका क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण को लेकर डेढ़ साल से अटका हुआ काम अब फिर से शुरू हो गया है। 400 मीटर सड़क के विवाद सुलझने के बाद मशीनें दोबारा दौड़ने लगी हैं।
करीब 1115 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह फोरलेन लगभग तैयार है, लेकिन एक छोटे से विवादित हिस्से के कारण परियोजना पटरी से उतर गई थी। जमीन बटांकन और मुआवजा को लेकर मामला लगातार अटका रहा। आखिरकार एनएचएआई ने आर्बिट्रेशन का सहारा लिया और फैसला उनके पक्ष में आने के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई।
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जमीन विवाद का समाधान हो चुका है और तय नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस परियोजना को जल्द पूरा कर लोगों को सुविधा दी जाए।
इस सड़क के शुरू होने से बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के लगभग 5 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। रोजाना करीब 10 हजार से ज्यादा वाहन इस मार्ग से गुजरेंगे, जिससे यात्रा समय कम होगा और ईंधन की बचत भी होगी।
हालांकि, निर्माण फिर से शुरू होने के बावजूद प्रभावित किसान पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मुआवजा की घोषणा के बाद भी अभी तक राशि उनके खातों में नहीं पहुंची है। किसान मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द मुआवजा सीधे खातों में ट्रांसफर किया जाए।
लंबे इंतजार के बाद अब परियोजना की राह साफ होती दिख रही है और लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही यह फोरलेन एक्सप्रेस-वे आम जनता के लिए खुल जाएगा।





