रिमोट कंट्रोल गनों से लैस ‘अमूल्य’ शामिल, भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री ताकत में इजाफा

भारतीय तटरक्षक बल को समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक और अहम मजबूती मिली है। न्यू-जेनरेशन आदम्य श्रेणी का फास्ट पेट्रोल वेसल ‘अमूल्य’ आधिकारिक रूप से बेड़े में शामिल कर लिया गया है। यह इस श्रेणी का तीसरा जहाज है, जिसे आधुनिक हथियारों और अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है।
फास्ट पेट्रोल वेसल ‘अमूल्य’ को 30 मिमी की सीआरएन-91 गन और दो 12.7 मिमी की रिमोट कंट्रोल गनों से सुसज्जित किया गया है। इसके साथ ही इसमें आधुनिक फायर कंट्रोल और टारगेट एक्विजिशन सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे जहाज की युद्ध और निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
‘अमूल्य’, जिसका अर्थ अनमोल है, समुद्री सुरक्षा, सुरक्षित नौवहन और स्वच्छ समुद्र के प्रति भारतीय तटरक्षक बल की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। जहाज में इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम, मशीनरी कंट्रोल सिस्टम और ऑटोमेटेड पावर मैनेजमेंट सिस्टम मौजूद हैं, जो संचालन के दौरान बेहतर नियंत्रण और स्थितिजन्य जागरूकता प्रदान करते हैं।
51 मीटर लंबा यह फास्ट पेट्रोल वेसल भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान को मजबूती देता है। जहाज में लगे दो 3000 किलोवाट के डीजल इंजन इसे 27 नॉट्स की अधिकतम गति और लगभग 1500 नॉटिकल मील की परिचालन क्षमता प्रदान करते हैं।
भारतीय तटरक्षक बल इस जहाज को ओडिशा के पारादीप में तैनात करेगा। यहां से यह निगरानी, अवरोधन, खोज एवं बचाव अभियान, तस्करी विरोधी कार्रवाई और समुद्री प्रदूषण से निपटने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देगा। इससे भारत के पूर्वी समुद्री तट की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
इस जहाज की कमान कमांडेंट (जूनियर ग्रेड) अनुपम सिंह के पास है। इसमें 5 अधिकारी और 34 कार्मिक तैनात हैं। ‘अमूल्य’ का बेड़े में शामिल होना तटरक्षक बल के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो देश की तटीय सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।





