संसद का शीतकालीन सत्र शुरू, पीएम मोदी ने विपक्ष को कार्यवाही में बाधा न डालने की दी सलाह

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन के बाहर एक भाषण में विपक्ष को चेताया कि सदन में कार्यवाही में बाधा न डालें और नए सांसदों को बोलने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र केवल रस्म नहीं बल्कि राज्य को प्रगति की ओर ले जाने में ऊर्जा भरने का काम करेगा।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ड्रामा करने के लिए देश में बहुत जगह है, नारे लगाने के लिए पूरा देश है, इसलिए सदन में यह काम न करें। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह अपना दायित्व निभाए और चर्चा में मजबूत मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ दल पराजय की निराशा से बाहर नहीं निकल पाते, लेकिन उनसे आग्रह है कि पराजय की बौखलाहट को संसद का मैदान न बनाएं।
प्रधानमंत्री ने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि मतदान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और लोकतंत्र की मजबूती सिद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि भारत ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र परिणाम दे सकता है।
इस सत्र में सरकार की ओर से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र, उच्च शिक्षा ढांचा सुधार और कॉरपोरेट/शेयर बाजार विनियम सहित 10 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे। वहीं विपक्ष एसआईआर और कथित वोट चोरी के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।
सरकार के प्रस्तावित विधेयकों में परमाणु ऊर्जा विधेयक-2025, नौ बीमा कानूनों में संशोधन करने वाला विधेयक और हानिकारक वस्तुओं पर कर और उपकर लगाने से संबंधित दो अन्य विधेयक शामिल हैं। विपक्ष की ओर से सर्वदलीय बैठक के बाद वोट चोरी और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दे पर जोर देने की संभावना है।





