कोरबा रेलवे स्टेशन पर करंट हादसा: झुलसे कर्मचारी श्याम चौहान की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

कोरबा। कोरबा रेलवे स्टेशन परिसर में 24 नवंबर को हुए करंट हादसे में झुलसे कर्मचारी श्याम चौहान (25) की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से भिलाई के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया था। उपचार के दौरान आज उनकी मौत हो गई। हादसे में झुलसा दूसरा युवक फिलहाल सुरक्षित बताया जा रहा है।
रेलवे यार्ड में पेंटिंग के दौरान हुई दुर्घटना
यह घटना स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास स्थित दुर्घटना राहत वैन के पास हुई। रेलवे के सी एंड डब्ल्यू विभाग ने वैन की पेंटिंग का काम एक स्थानीय पेटी ठेकेदार को दिया था। ठेकेदार ने इसके लिए पास की बस्ती से दो युवकों को काम पर लगाया था।
घटना वाले दिन दोनों युवक वैन के ऊपर चढ़कर पेंटिंग कर रहे थे। आमतौर पर ऐसे काम के दौरान ओएचई (ओवर हेड इक्विपमेंट) लाइन बंद रखी जाती है, लेकिन आरोप है कि काम पूरा होने से पहले ही इसे चालू कर दिया गया। जैसे ही दोनों युवक ऊपर के हिस्से में पहुंचे, वे 25 हजार वोल्ट की लाइन के संपर्क में आकर बुरी तरह झुलस गए।
एम्बुलेंस बंद, बचाव में हुई देरी
हादसे के तुरंत बाद कर्मचारी और आरपीएफ स्टाफ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन आश्चर्य की बात यह रही कि रेलवे अस्पताल में नई एंबुलेंस मौजूद थी, फिर भी वह चालू हालत में नहीं मिली। मजबूरन आरपीएफ के वाहन से घायलों को जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। इससे रेलवे की आपातकालीन तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
एक की हुई मौत, दूसरा सुरक्षित
दोनों घायल युवकों को प्राथमिक उपचार मिला, लेकिन श्याम की हालत गंभीर होने पर उन्हें भिलाई रेफर किया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। दूसरा युवक खतरे से बाहर है।
रेलवे की लापरवाही पर सवाल
इस हादसे के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं-
पेंटिंग के दौरान ओएचई लाइन चालू क्यों की गई?
बिना सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण के स्थानीय युवकों को काम क्यों दिया गया?
नई एंबुलेंस हादसे के वक्त उपयोग में क्यों नहीं लाई जा सकी?
स्थानीय लोगों ने मृतक श्याम चौहान के परिवार के लिए उचित मुआवजा और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।






