Chaos In Bodari: बोदरी में अव्यवस्था का बोलबाला,नाले में गिर रहे बच्चे,प्रशासन खामोश
Chaos In Bodari: नगर पालिका बोदरी में कचरा,कीचड़ और खतरा-कौन है जिम्मेदार?

बिलासपुर शहर से चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित नवनिर्मित नगर पालिका परिषद बोदरी इन दिनों लगातार सुर्खियों में है। (Chaos In Bodari) कभी जमीन विवाद तो कभी सफाई व्यवस्था की लापरवाही—लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिससे यह पूरा इलाका लोगों की नजर में सवालों के कठघरे में खड़ा हो गया है। हालात इतने भयावह हैं कि यहां हर रोज कोई न कोई दुर्घटना घट रही है।
बोदरी में अव्यवस्था का बोलबाला,नाले में गिर रहे बच्चे,प्रशासन खामोश…
ताजा मामला बेहद चौंकाने वाला है। (Chaos In Bodari) बोदरी में खुले और गंदगी से भरे नाले में दो मासूम बच्चे गिर गए। पूरा शरीर कीचड़ से सन गया, जैसे किसी खतरे से बाल-बाल बचे हों। इतना ही नही उसी रास्ते से गुजर रहा एक दूसरी नाले में जा गिरा।
चारों तरफ कीचड़, बदबू और कचरे का अंबार…हालात ऐसे हैं कि यहां से गुजरने वाला हर इंसान खतरे में है।विडंबना देखिए इसी क्षेत्र के पास स्थित नगर निगम बिलासपुर को पूरे भारत में स्वच्छता का दूसरा पुरस्कार मिला है, और पास ही मौजूद नगर पंचायत बिल्हा को पहला स्थान मिला। लेकिन इन दोनों के बीच बैठी नगर पालिका परिषद बोदरी की हालत ऐसी है कि यहां आने वाला भी शर्मिंदा हो जाए।
बिना बोर्ड-बिना सुरक्षा खोदा गया नाला, हर दिन हो रही दुर्घटनाएं….
लोगों का कहना है कि नाले को बिना किसी सूचना, बिना किसी बोर्ड, बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के अचानक ही खोद दिया गया। (Chaos In Bodari) और तब से दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। इस मामले में जब परिषद के सभापति विजय वर्मा से बात की गई तो उन्होंने भी माना कि सीएमओ ने जनप्रतिनिधियों को बताए बिना यह गड्ढा खोद दिया, जो अब हादसों की वजह बन रहा है।
धरमलाल कौशिक के क्षेत्र में अव्यवस्था हावी लोग बोले,हमारी सुनवाई कौन करेगा? (Chaos In Bodari)
सबसे बड़ी बात इस क्षेत्र के विधायक हैं भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक। हाईकोर्ट, एयरपोर्ट, बड़े अधिकारी, बड़े नेता,सबका रोज आना-जाना रहता है.उसके बावजूद यहां फैली गंदगी, अव्यवस्था और हर दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर किसी की नजर नहीं जाती।लोगों का सवाल बिल्कुल सीधा है क्या जनप्रतिनिधि किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या किसी की जान जाने के बाद ही कार्रवाई होगी? या फिर बोदरी की यह दुर्दशा इसी तरह जारी रहेगी?अब पूरी नजर प्रशासन पर है कि वह जल्द कदम उठाता है…या फिर बोदरी की समस्याएं सिर्फ सुर्खियां बनकर रह जाएंगी।





