श्रीलंका की आपदा में भारत का मानवीय मरहम, 12 टन राहत लेकर कोलंबो पहुंचा IAF

श्रीलंका इन दिनों भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के रूप में गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है. चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ के प्रभाव से देश के कई तटीय और पहाड़ी इलाकों में भारी तबाही मची. इस विपदा में अब तक 56 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों परिवार प्रभावित हैं. पड़ोसी देश की मुश्किलों को कम करने के लिए भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत मिशन ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ तेज कर दिया है.
भारतीय वायुसेना का C-130J विमान लगभग 12 टन राहत सामग्री लेकर कोलंबो हवाई अड्डे पर उतरा. इस खेप में टेंट, तिरपाल, कंबल, स्वच्छता किट, दवाइयां, खाने-पीने का सामान और रेडी-टू-ईट भोजन जैसी जरूरी सामग्रियां शामिल हैं. कोलंबो एयरपोर्ट पर मौजूद भारतीय राहत दल ने यह सामग्री श्रीलंकाई आपदा प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों को सौंप दी.
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार खराब मौसम की वजह से 12,313 परिवारों के 43,991 लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ और भूस्खलन के कारण जान-माल का बड़ा नुकसान दर्ज किया गया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि नेवी के युद्धपोत INS विक्रांत और INS उदयगिरी के जरिए भी कोलंबो में राहत सामग्री पहुंचाई गई है और आगे भी मदद की प्रक्रिया जारी है.
ऑपरेशन सागर बंधु मुख्य रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मिशन के तहत शुरू किया गया एक अभियान है, जिसका मकसद संकट के समय पड़ोसी देशों को तुरंत राहत, बचाव सहायता, मेडिकल सपोर्ट और लॉजिस्टिक मदद प्रदान करना है. इस अभियान में नेवी जहाज, एयरक्राफ्ट और राहत दल को तेजी से प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाता है.
श्रीलंका में जारी इस आपदा राहत में भारत की भूमिका एक भरोसेमंद सहयोगी और मानवीय साथी के रूप में उभर कर सामने आई है. दोनों देशों के बीच समुद्री दृष्टिकोण ‘सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन’ की भावना के अनुरूप यह मदद साझेदारी और मित्रता का संदेश भी दे रही है.





