भारतीय शेयर बाजार में तूफानी उछाल, सेंसेक्स पहली बार 86,000 के पार

भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स ने नया कीर्तिमान बनाते हुए पहली बार 86,000 का स्तर पार कर लिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 से अधिक अंकों की बढ़त के साथ 86,000 के ऊपर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी–50 भी 26,300 के स्तर को पार कर ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। बुधवार को भी बाजार में जोरदार रैली दिखी थी, जिसमें निवेशकों ने करीब 4 लाख करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह सकारात्मक रुझान आज भी जारी रहा और प्रमुख सूचकांकों ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छू लिया। सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों में से 16 में तेजी देखी जा रही है, जबकि 14 कंपनियां अब भी हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रही हैं।
शुरुआती सत्र में बाजार की रफ्तार को सबसे अधिक मजबूती बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, लार्सन एंड टूब्रो, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों ने दी। इन कंपनियों के स्टॉक 0.8% से 1.5% तक बढ़े, जिससे मार्केट सेंटिमेंट मजबूत बना रहा। वहीं, व्यापक बाजार में मिडकैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में भी 0.1-0.1% की साधारण, लेकिन स्थिर बढ़त देखने को मिली। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेजी का आधार वैश्विक संकेतों से तैयार हुआ है, जहां अमेरिका के फेडरल रिज़र्व से दिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट ब्याज दर कटौती की उम्मीद बढ़ गई है। इसी आशा के चलते एशियाई शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया और डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ, जिससे उभरते बाजारों को सहारा मिला।
गुरुवार को अमेरिकी बाजार थैंक्सगिविंग की छुट्टी के चलते बंद रहे और शुक्रवार को भी सीमित समय का ट्रेडिंग सत्र होगा, इसलिए वैश्विक कारोबार शांत रहा, लेकिन उम्मीद आधारित खरीदारी का रुझान एशिया में जारी रहा। जापान के बाहर एमएससीआई का सबसे बड़ा एशिया-प्रशांत इंडेक्स 0.4% तक मजबूत हुआ, जबकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1% से अधिक की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। हालांकि, चीन में रियल एस्टेट संकट का असर बना रहा और CSI-300 रियल एस्टेट इंडेक्स 1.5% गिरकर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि मुख्य CSI-300 कुल मिलाकर 0.4% बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.4% टूटकर 4,146.53 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया, जबकि कच्चे तेल में भी 0.3-0.4% की नरमी दर्ज की गई। यूक्रेन-रूस युद्ध में संभावित युद्धविराम की उम्मीदों के कारण ब्रेंट क्रूड हल्की गिरावट के साथ 62.92 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 58.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
भारतीय करेंसी बाजार में भी सकारात्मक प्रभाव देखा गया, जहां गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 0.07% मजबूत होकर 89.2050 के स्तर पर खुला। कमजोर डॉलर दिखाई देने के बावजूद बैंकिंग जानकारों का कहना है कि रुपये के लिए यह बढ़त लंबे समय तक बनाए रखना मश्किल हो सकता है। फिलहाल बाजार की मौजूदा तेजी घरेलू निवेशकों के भरोसे और मजबूत ग्लोबल संकेतों का सम्मिलित असर है, लेकिन विशेषज्ञों की राय है कि ऊंचाई पर खरीदते समय सतर्क रणनीति अपनाना जरूरी होगा। निवेशकों को यह समझना होगा कि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा बाजार, मौके के साथ-साथ जोखिम भी लेकर चलता है, इसलिए किसी भी निवेश से पहले आर्थिक वातावरण और स्टॉक-विशिष्ट आधारभूत कारकों की गहन समीक्षा आवश्यक है।





