भारत को मिला बांग्लादेश से शेख हसीना प्रत्यर्पण का अनुरोध, MEA ने कही यह बात

भारत ने पुष्टि की है कि उसे बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का अनुरोध मिला है। इस बारे में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि समय आने पर इस मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने बताया कि इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल-1 (ICT-1) द्वारा शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए बड़े विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाने के बाद ढाका ने भारत से प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध किया है।
हुसैन ने बताया कि बांग्लादेश भारत से तुरंत जवाब की उम्मीद नहीं कर रहा है, लेकिन उत्तर की प्रतीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश की रिक्वेस्ट मौजूदा प्रत्यर्पण संधि के तहत रखी गई है और दोनों देशों के बीच कानूनी प्रक्रिया के अनुसार इसका निपटारा होगा।
17 नवंबर को ICT-1 ने शेख हसीना और असदुज्जमां खान कमाल को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी। पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर जनरल चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल जेल की सजा दी गई थी। इसके बाद ढाका ने भगोड़े दोषियों को वापस भेजने के लिए औपचारिक प्रयास शुरू करने का ऐलान किया था।
MEA प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में भारत कानूनी प्रक्रिया के अनुसार काम करेगा और बांग्लादेश से प्राप्त अनुरोध पर विचार किया जाएगा। इस तरह शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा अब दोनों पड़ोसी देशों के कानूनी और राजनयिक मंच पर चर्चा में है।





