दो सीटों पर विजेताओं को मिले समान वोट, आरजेडी ने चुनाव आयोग पर खड़े किए गंभीर सवाल

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। आरजेडी ने दो विधानसभा सीटों—राजगीर और कुढ़नी—पर विजयी उम्मीदवारों को मिले समान वोटों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि दोनों सीटों पर जीते प्रत्याशियों को बिल्कुल एक जैसी वोट संख्या कैसे मिल सकती है। आरजेडी ने इसे “संदिग्ध संयोग” बताते हुए चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की है।
राजगीर सीट पर जेडीयू के उम्मीदवार कौशल किशोर ने कुल 1,07,811 वोट हासिल किए और 55,428 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, कुढ़नी सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार केदार पीडी गुप्ता ने भी ठीक 1,07,811 वोट पाते हुए जीत हासिल की। दोनों ही सीटों पर विजेताओं को समान संख्या में वोट मिलने ने आरजेडी को सवाल उठाने का मौका दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर इन आंकड़ों का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए तंज कसा कि “दोनों छात्रों ने खाली कॉपी जमा की थी, इसलिए मास्टर साहब ने बराबर नंबर दे दिए।”
आरजेडी ने कहा कि बिहार जैसे बड़े राज्य में दो अलग-अलग क्षेत्रों में दो प्रत्याशियों को एक समान वोट मिलना चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। पार्टी ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने और विस्तृत जांच कराने की मांग की है। हालांकि, आयोग की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
चुनाव परिणामों की बात करें तो इस बार बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि जेडीयू ने 85 सीटें जीतीं। आरजेडी को 25 सीटों पर जीत मिली। चौथे स्थान पर चिराग पासवान की एलजेपीआर रही जिन्हें 19 सीटें मिलीं। कांग्रेस 6 पर सिमट गई जबकि AIMIM और HAMS को 5-5 सीटें मिलीं।
आरजेडी का दावा है कि चुनावी आंकड़ों में आया यह “असामान्य मेल” लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास को प्रभावित कर सकता है। पार्टी की पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है और अब निगाहें चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।





