अनिल अंबानी के खिलाफ ईडी की बड़ी कार्रवाई, 1452 करोड़ रुपए की नई संपत्तियां जब्त

दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1452 करोड़ रुपए की नई संपत्तियों को अटैच कर लिया है। इससे पहले ईडी लगभग 7500 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। इस प्रकार अब तक इस मामले में कुल करीब 9000 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त हो चुकी हैं, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत जारी अंतरिम आदेश के आधार पर इन संपत्तियों को अटैच किया गया है। जब्त संपत्तियां नवी मुंबई, चेन्नई, पुणे और भुवनेश्वर समेत देश के कई प्रमुख शहरों में स्थित हैं। एजेंसी ने इस मामले में अगस्त 2025 में अनिल अंबानी से पूछताछ भी की थी और अब उन्हें विदेशी मुद्रा (फेमा) उल्लंघन के एक अन्य मामले में दोबारा तलब किया गया है।
ईडी की ताजा कार्रवाई से पहले इसी महीने एजेंसी ने नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (DAKC) में 132 एकड़ जमीन को जब्त किया था, जिसकी अनुमानित कीमत 4462 करोड़ रुपये है। यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस होम फाइनेंस से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों की जांच का हिस्सा है।
मनी लांड्रिंग की यह जांच सीबीआई की उस प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धाराएं 120-बी (आपराधिक साजिश), 406 (आपराधिक न्यासभंग) और 420 (धोखाधड़ी), तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरकॉम, अनिल अंबानी और अन्य के नाम दर्ज हैं। ईडी की लगातार बढ़ती कार्रवाई से स्पष्ट है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच एजेंसियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं और आगे भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।





