कोरबा में 10 साल से लापता युवक निकला बाइक चोर गिरोह का मास्टरमाइंड, जंगल में बना रखी थी गुप्त पनाहगाह

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने बाइक चोरी के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका मास्टरमाइंड पिछले दस साल से घर से गायब रहकर जंगल में रहता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी जयसिंह पटेल (27) समेत दो साथियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 14 चोरी की बाइकें बरामद की हैं। आरोपी अपनी पहचान छिपाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था और खुद को अमीर बताकर छह गर्लफ्रेंड तक बना रखी थीं।
पुलिस को हाल ही में खदान क्षेत्र से एक रोलर चोरी होने की शिकायत मिली, जिसके बाद जांच शुरू की गई। इसी दौरान जानकारी मिली कि खदान के पास जंगल में एक व्यक्ति पेड़ों के बीच झोपड़ी बनाकर रह रहा है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जयसिंह पटेल बताया, जिसके पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिले। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
जयसिंह ने बताया कि उसने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर बाइक चोरी करने वाला गिरोह बनाया था। ये लोग पहले रेकी करते और मौका मिलते ही बाइक चुरा लेते। चोरी की गई बाइकों को कम दाम में बेच दिया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि जयसिंह पूरे दशक से अपने परिवार से दूर था और घरवालों को लगने लगा था कि उसकी मौत हो चुकी है, क्योंकि वह कभी वापस नहीं लौटा।
थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू के अनुसार, गिरोह के दो सदस्यों—अनस खान और शिवचरण—को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं चोरी की बाइकें खरीदने वाले तीन लोगों—रामप्रसाद रोहिदास, लालजी यादव और इमरान अंसारी—को भी हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये लोग और किन घटनाओं में शामिल रहे हैं। शुरुआती जांच इस ओर इशारा करती है कि आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय थे और जंगल को अपनी सुरक्षित पनाहगाह की तरह इस्तेमाल करते थे।





