बीजापुर में मुठभेड़ में तीन माओवादी ढेर, अबूझमाड़ में खुला नया सुरक्षा कैंप

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन माओवादी मारे गए। यह घटना तारलागुड़ा थाना क्षेत्र के अन्नारम और मर्रीमल्ला के घने जंगलों में हुई, जहां जवानों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों को चारों ओर से घेर लिया था। माओवादियों की ओर से हुई गोलीबारी के जवाब में बलों ने कार्रवाई की, जिसमें तीन नक्सली ढेर हो गए। मौके से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि अभियान अब भी जारी है और माओवादियों के हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
इधर, नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कोंगे में नया सुरक्षा और जन-सुविधा कैंप स्थापित किया गया है। यह क्षेत्र लंबे समय से माओवादियों का सेफजोन माना जाता रहा है। नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ की 129वीं बटालियन ने संयुक्त रूप से यह कैंप खोला है, जो माओवाद उन्मूलन और ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह अबूझमाड़ में पिछले एक साल में खोला गया 13वां सुरक्षा कैंप है।
कैंप खुलने से आसपास के कंदुलपार, पांगूड, वाल्ला, सीतराम, परलकोट और कोरोनार जैसे गांवों में सुरक्षा और विकास की उम्मीद जगी है। पुलिस अधीक्षक राबिनसन गुड़िया ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना, जिनमें बिजली, पानी, सड़क और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग प्रमुख रही। अधिकारियों ने नियद नेल्लानार योजना के तहत समाधान शिविर आयोजित करने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने माओवादी हिंसा से हुए नुकसान पर दुख जताया और संकल्प लिया कि वे अब विकास की राह अपनाएंगे। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में अब तक 208 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि पुलिस ने 99 को मार गिराया और 117 को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सुरक्षा बलों की यह पहल न केवल शांति और सुरक्षा का माहौल बना रही है, बल्कि अबूझमाड़ के विकास की दिशा में भी नया अध्याय खोल रही है।





