चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर: सात ट्रेनों का रूट बदला, तिरुपति एक्सप्रेस सात घंटे देरी से रवाना

बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर अब रेलवे परिचालन पर भी देखने को मिल रहा है। तूफान की तीव्रता को देखते हुए रेलवे ने सात प्रमुख ट्रेनों के रूट में बदलाव किया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं, बिलासपुर-तिरुपति एक्सप्रेस को सात घंटे देरी से रवाना किया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चक्रवाती तूफान के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनों का मार्ग अस्थायी रूप से बदला गया है। इन ट्रेनों में 18189 टाटा-एर्नाकुलम एक्सप्रेस, 12703 हावड़ा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस, 12245 हावड़ा-बेंगलुरु सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल एक्सप्रेस, 22643 एर्नाकुलम-पटना एक्सप्रेस, एर्नाकुलम-हावड़ा एक्सप्रेस, कन्याकुमारी-डिब्रूगढ़ असम एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हटिया एक्सप्रेस शामिल हैं।
रेलवे का कहना है कि रूट परिवर्तन का निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे ट्रेनों के संचालन पर कम से कम असर पड़ेगा और परिचालन सुरक्षित रहेगा। इस बीच, मंगलवार को बिलासपुर-तिरुपति एक्सप्रेस को सात घंटे रिशेड्यूल किया गया। यह ट्रेन दोपहर 3:35 बजे की बजाय रात 10:35 बजे बिलासपुर स्टेशन से रवाना हुई।
हालांकि, कई यात्रियों को ट्रेन के रिशेड्यूल होने की जानकारी समय पर नहीं मिली, जिसके कारण उन्हें स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थानीय यात्री वापस लौट गए, जबकि दूरदराज से आए लोगों को प्लेटफॉर्म पर रुकना पड़ा।
मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर के लिए तूफान का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि आने वाले 24 घंटों में तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। रेलवे ने इस परिस्थिति में ट्रेनों को रद्द करने की बजाय वैकल्पिक मार्गों से चलाने का फैसला किया है ताकि यात्रियों को कम असुविधा हो और वे सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।





