उत्तरी छत्तीसगढ़ में बढ़ी ठंड, दिवाली से पहले लोगों ने निकाले गर्म कपड़े

रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के साथ ही छत्तीसगढ़ में सर्दी ने दस्तक दे दी है। विशेषकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अंबिकापुर, सरगुजा, कोरिया और जशपुर जैसे इलाकों में सुबह-शाम ठंडी हवाएं चलने से लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है।
अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि पेंड्रारोड में पारा 18 डिग्री तक पहुंच गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दी का असर पहले से महसूस किया जाने लगा है। ठंडी हवाओं ने मौसम में सिहरन घोल दी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रदेश में ठंड ने समय से पहले दस्तक दी है।
राजधानी रायपुर और मध्य छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में मौसम सामान्य बना हुआ है। दिन में तेज धूप के कारण हल्की गर्मी महसूस की जा रही है, जबकि शाम को ठंडी हवाओं के झोंके लोगों को सर्दी का अहसास कराने लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई बड़ा मौसमी परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन रात का तापमान धीरे-धीरे घटेगा।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि उत्तर झारखंड और उसके आसपास ऊपरी हवा का एक चक्रीय चक्रवाती तंत्र सक्रिय है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ का मौसम शुष्क बना हुआ है। बिलासपुर में 21 से 24 अक्टूबर के बीच गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
इस बीच, ठंड की शुरुआत के साथ प्रवासी पक्षियों का आगमन भी शुरू हो गया है। श्रीलंका, इंडोनेशिया और म्यांमार से आने वाले एशियन बिल स्टार्क पक्षी अब छत्तीसगढ़ के कनकी क्षेत्र में अपने प्रवास काल को पूरा कर स्वदेश लौटने लगे हैं। दशकों से ये पक्षी कनकेश्वर शिव मंदिर परिसर को प्रजनन के लिए पसंदीदा स्थान मानते हैं।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिवाली के बाद ठंड और तेजी से बढ़ेगी और नवंबर के शुरुआती सप्ताह में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। फिलहाल, उत्तर छत्तीसगढ़ में सर्दी की शुरुआत ने लोगों को हल्की सिहरन और मौसम में ताजगी का एहसास दिला दिया है।





