दुर्गापुर गैंगरेप केस में नया खुलासा, पीड़ित का बॉयफ्रेंड भी आरोपी

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एमबीबीएस छात्रा से गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में से एक पीड़िता का बॉयफ्रेंड है। जांच में सामने आया कि दोनों रिश्ते में थे और 10 अक्टूबर की रात छात्रा अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही कॉलेज कैंपस से बाहर गई थी। यह जानकारी दोनों के बीच हुई वॉट्सएप चैट से मिली।
पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात पीड़िता और उसका दोस्त एक श्मशान घाट के पास जंगल में गए थे। इसी दौरान तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया और हमला कर दिया। इसके बाद छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना हुई। जांच अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता और उसका बॉयफ्रेंड बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं, जिससे साफ है कि वे पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
14 अक्टूबर को पुलिस ने छात्रा के बॉयफ्रेंड वासिफ अली को गिरफ्तार किया। इससे पहले मुख्य आरोपी सफीक एसके को उसकी बहन रोजीना की मदद से पकड़ा गया था। रोजीना ने पुलिस को बताया कि उसका भाई 13 अक्टूबर को अंडाल पुल के नीचे उससे मिलने आया था, तभी पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों में एसके रियाजुद्दीन, अपू बरुई और फिरदौस एसके शामिल हैं।
घटना के बाद दुर्गापुर पुलिस ने सभी आरोपियों और पीड़िता के दोस्त को घटनास्थल पर ले जाकर सीन रीक्रिएट कराया। पुलिस ने 10 अक्टूबर की रात की पूरी घटना का पुनःनिर्माण करवाया ताकि हर आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सके।
मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा था कि “लड़कियों को रात में बाहर नहीं निकलना चाहिए।” इस पर पीड़िता के पिता ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि “बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा खत्म हो चुकी है, यह औरंगजेब का शासन जैसा लग रहा है।”
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में पश्चिम बंगाल देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल है। वर्ष 2023 में महिलाओं से जुड़े 4.48 लाख से अधिक अपराध दर्ज हुए, जिनमें दुष्कर्म, छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा के मामले प्रमुख रहे।
दुर्गापुर गैंगरेप केस ने राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।





