दुर्ग में नाबालिग गर्लफ्रेंड और उसकी दादी की हत्या का खुलासा, प्रेमी गिरफ्तार

दुर्ग जिले के गनियारी गांव में 6 मार्च 2024 की रात को हुए दोहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है। 17 वर्षीय नाबालिग सविता साहू और उनकी दादी 62 वर्षीय राजवती साहू की हत्या कर दी गई थी। दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और घर में खून फैला हुआ था। वारदात के बाद आरोपियों ने खून से सने हथियारों को तालाब में धोकर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने 18 महीने की जांच के बाद मुख्य आरोपी चुमेंद्र निषाद और उसके सहयोगी पंकज निषाद को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण नाबालिग गर्लफ्रेंड का अपने बॉयफ्रेंड चुमेंद्र निषाद की दूसरी सगाई से नाराज होना था। सविता ने अपने सहेलियों के माध्यम से चुमेंद्र को धमकी दी थी कि वह उसकी शादी तोड़वा देगी। डर के कारण चुमेंद्र ने प्रेम संबंध का राज खुलने और शादी टूटने के डर से हत्या की साजिश रची। इसके लिए उसने अपने दो दोस्तों को शामिल किया।
वारदात की रात चुमेंद्र और उसके साथी स्कॉर्पियो में सविता के घर पहुंचे। चुमेंद्र ने सविता को शादी का झांसा दिया, लेकिन जब वह नहीं मानी तो उसे कुल्हाड़ी से हमला किया और आवाज रोकने के लिए मुंह में कपड़ा ठूंसा। सविता की चीख सुनकर दादी बाहर आई तो उसे भी चाकू से मार डाला गया। दोनों मृतकों को घर में छोड़कर आरोपी भाग गए।
पुलिस ने FSL, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की मदद से सबूत जुटाए और 62 संदिग्धों से पूछताछ की। ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट से आरोपियों का पता चला। चुमेंद्र ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि उसने दोस्तों की मदद से हत्या की। चाकू और कुल्हाड़ी जब्त कर ली गई है।
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि यह मामला टीम के धैर्य और तकनीकी जांच की सफलता का उदाहरण है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है। इस घटना ने दुर्ग जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय लोग इस भयावह अपराध से सदमे में हैं।
यह घटना प्रेम संबंध, धोखे और धमकी के कारण हुई गंभीर अपराध की एक मिसाल है। पुलिस अब भी फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।





