अखिलेश यादव ने भाजपा पर लगाया ‘मुंह से स्वदेशी, मन से विदेशी’ होने का आरोप

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल चुनावी चंदा से बिहार विधानसभा चुनाव जीतेंगे और यही चंदा उत्तर प्रदेश में भी खर्च किया जाएगा। अखिलेश यादव ने इसे ‘मुंह से स्वदेशी, मन से विदेशी’ राजनीति बताया और सरकार के स्वदेशी, GST और टैरिफ पर नजरिए की आलोचना की।
डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर लोहिया पार्क में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा केवल नारों तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विदेशी कंपनियों को बढ़ावा दे रही है, जबकि देशी उत्पादों और व्यापार को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा इलेक्ट्रॉनिक बाजार विदेशी कंपनियों के कब्जे में है।
किसानों की स्थिति पर भी उन्होंने सवाल उठाया। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है, और कई जगह किसानों को इसके अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गन्ना किसानों की बकाया राशि भी अब तक नहीं चुकाई गई है।
जातिवाद और अफसरशाही पर भी सपा अध्यक्ष ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने स्वजातीय अधिकारियों को ही अहम पदों पर तैनात कर रहे हैं। यह नीति जमीनों पर कब्जा और काले कारोबार को बढ़ावा देती है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सपा जल्द ही भाजपा सरकार के “काले कारनामों” की सूची जारी करेगी, जिसमें दलितों और किसानों के खिलाफ हुई घटनाओं का विवरण होगा।
भाजपा नेताओं पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि साइड वाले नेता भी कभी-कभी प्रमुख बन जाते हैं और यह स्थिति बिहार चुनाव में भी देखी जा रही है। गृहमंत्री अमित शाह के ‘घुसपैठ’ बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के पास सब फर्जी आंकड़े हैं और जनता सच जान चुकी है।
दलित अत्याचार और भेदभाव पर उन्होंने चिंता जताई। हरियाणा में एडीजी की आत्महत्या, वाल्मीकि समाज के युवकों की पिटाई और सुप्रीम कोर्ट में जूता फेंकने जैसी घटनाओं को शर्मनाक बताया। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार में दलितों पर अत्याचार सबसे अधिक बढ़े हैं और पुलिस अधिकारी राजनीतिक विरोधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने में लगे हैं।





