बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर मांझी की नाराजगी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने नाराजगी जताई है। मांझी ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी पार्टी को कम से कम 15 सीटें नहीं मिलतीं, तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने इसे ‘करो या मरो’ की स्थिति बताया है। मांझी ने कहा कि यह उनका अनुरोध है, कोई मांग नहीं। वह एनडीए में बने रहना चाहते हैं, लेकिन सम्मानजनक सीटों की आवश्यकता है।
इससे पहले, चिराग पासवान ने भी 40 सीटों की मांग की थी, लेकिन बाद में बातचीत के बाद उन्होंने इसे कम करके 26 सीटों पर सहमति जताई। हालांकि, मांझी की मांग पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जयस्वाल ने रविवार को सीट बंटवारे की घोषणा की संभावना जताई है।
मांझी ने कहा कि वह पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और अंतिम निर्णय दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के फैसले का सम्मान करेंगे। मांझी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अनुशासित नेता हैं और जो सीटें मिलेंगी, उसी पर चुनाव लड़ेंगे।
इस बीच, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने भी 24 सीटों की मांग की है, जिससे गठबंधन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बीजेपी और जेडीयू दोनों ही इन मांगों पर विचार कर रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि कुशवाहा की मांग एक रणनीतिक दबाव है, ताकि कम से कम 10 से 12 प्रभावशाली सीटों पर टिकट सुनिश्चित किया जा सके।
एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर बढ़ते तनाव के बीच, सभी दलों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे आपसी सहमति से एक मजबूत गठबंधन बनाए रखें, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में सफलता प्राप्त की जा सके।





