एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर घमासान, चिराग पासवान 28 से 30 सीटों पर मान सकते हैं राजी, रखीं कुछ शर्तें

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे पर तनाव बढ़ता जा रहा है। जहां जीतन राम मांझी 15 सीटों से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं, वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास पासवान) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी अपने लिए बेहतर सौदेबाज़ी की कोशिश में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक, चिराग अब 28 से 30 सीटों पर कुछ शर्तों के साथ समझौता कर सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, भाजपा ने चिराग पासवान को 28 से 30 सीटें देने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, चिराग ने इसके बदले कुछ अतिरिक्त मांगें रखी हैं, जिनमें राज्यसभा की एक सीट और एक सीट विधान परिषद (MLC) के लिए शामिल है। चिराग ने जिन विधानसभा क्षेत्रों पर अपनी दावेदारी जताई है, उनमें लालगंज, दानापुर, गोविंदगंज, मटिहानी और बखरी जैसी प्रमुख सीटें शामिल हैं। इनमें से कई सीटों पर फिलहाल भाजपा या जदयू का कब्जा है।

चिराग पासवान को मनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को सौंपी गई है। राय गुरुवार दोपहर चिराग के आवास पहुंचे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने चिराग की मां से मुलाकात कर कहा कि चिराग नाराज नहीं हैं और एनडीए में सब कुछ ठीक है।

इधर, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम-सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें 15 से कम सीटें दी गईं तो यह पार्टी के लिए अपमानजनक होगा। मांझी का कहना है कि 15 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलने से उनकी पार्टी आसानी से 8-9 सीटें जीत सकती है और मान्यता प्राप्त दल बन सकती है।

चिराग पासवान और मांझी दोनों की सख्त मांगों ने एनडीए की सीट शेयरिंग प्रक्रिया को मुश्किल बना दिया है। हालांकि, भाजपा लगातार दोनों नेताओं को साधने की कोशिश में जुटी है ताकि गठबंधन में टूट की स्थिति न बने। आगामी दिनों में एनडीए के शीर्ष नेताओं की बैठक में सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button