मायावती की लखनऊ रैली में बीजेपी की तारीफ, सपा पर निशाना

लखनऊ में आयोजित विशाल रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी सरकार की सराहना की। मायावती ने कहा कि रैली स्थल की मरम्मत और रखरखाव के लिए सरकार ने ईमानदारी से खर्च किया है। उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार ने टिकट का पैसा दबाकर नहीं रखा, बल्कि स्मारक की मरम्मत पर लगाया। इसके लिए मैं सरकार की आभारी हूं।”
रैली में उमड़ी भीड़ देखकर मायावती ने कहा कि यह भीड़ सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। बसपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में न सिर्फ उत्तर प्रदेश से, बल्कि पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड से भी पहुंचे। मायावती ने इस भीड़ को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत बताया।
सपा पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव जब सत्ता में होते हैं तो कांशीराम जी और दलित समाज को भूल जाते हैं, लेकिन जब सत्ता से बाहर होते हैं तो बसपा के नेताओं की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार ने उनके कार्यकाल में बने कांशीराम स्मारकों के नाम तक बदल दिए। मायावती ने चेताया कि ऐसे “दोगले लोगों” से सावधान रहना चाहिए।
बीएसपी प्रमुख ने कहा कि सपा और बीजेपी दोनों ही सरकारों ने समाज का वास्तविक विकास नहीं किया है। प्रदेश में गरीबी, बेरोजगारी और अपराध बढ़ा है। मुस्लिम समाज की सुरक्षा और विकास की स्थिति भी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि 2007 में जब बसपा ने बहुमत की सरकार बनाई थी, तब कांग्रेस, बीजेपी और सपा ने मिलकर उसे केंद्र की सत्ता में आने से रोका।
मायावती ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए जनता से संविधान की रक्षा की अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब दलित समाज को जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा।





