बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले ECI ने लागू की नई पहलें, चुनाव में दिखेगा नया रंग

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले चुनाव आयोग ने कई नई पहलें लागू की हैं, जो इस बार के चुनाव को पहले से अलग और पारदर्शी बनाएंगी। पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में चुनाव आयोग ने बताया कि इन नई पहल के तहत चुनाव प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक और सुविधा को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि राजनीतिक दलों ने छठ पूजा के बाद चुनाव कराने का सुझाव दिया था। इस बार चुनाव एक या दो चरणों में संपन्न होंगे। आयोग ने बताया कि SIR (Systematic Incident Reporting) का संचालन पूरे बिहार में सफलतापूर्वक हुआ और यह देशभर के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
चुनाव आयोग ने कहा कि इस बार चुनाव में कई बदलाव नजर आएंगे। सबसे बड़ी पहल यह है कि अब हर बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। साथ ही, 100 फीसदी वेब कास्टिंग की जाएगी और सभी बूथों पर मतदान प्रक्रिया को लाइव देखा जा सकेगा। VVPAT में पहली बार उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएगी। इसके अलावा, पोलिंग बूथ के बाहर फोन जमा करने की व्यवस्था और मतदाता सूची में हर जानकारी स्पष्ट रूप से दिखाई जाएगी।
बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव इस तारीख से पहले संपन्न कराए जाएंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि अगले कुछ दिनों में चुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
पिछले महीने चुनाव आयोग ने ईवीएम और बैलट पेपर के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की थी। इसके तहत उम्मीदवारों की फोटो अब रंगीन दिखाई जाएगी और सीरियल नंबर अधिक स्पष्ट होगा। यह पहल चुनाव प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और मतदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से की गई है।
चुनाव आयोग का कहना है कि बिहार चुनाव 2025 देश में लोकतंत्र को मजबूत करने और चुनाव प्रक्रियाओं में नई दिशा दिखाने वाला होगा। इस बार की तकनीकी और पारदर्शी पहलें चुनाव में भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ाएंगी।
इन पहलों के माध्यम से चुनाव आयोग ने मतदाताओं के अनुभव को बेहतर बनाने, चुनावी पारदर्शिता बढ़ाने और लोकतंत्र की मजबूती सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। बिहार के लोग इस बार बदलाव के साथ एक नए और आधुनिक चुनाव का अनुभव करेंगे।





