आरएसएस शताब्दी समारोह: भागवत ने सुरक्षा और समाज परिवर्तन पर जोर दिया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने पर नागपुर में शताब्दी वर्ष समारोह मनाया। यह कार्यक्रम रेशम बाग मैदान में आयोजित हुआ, जिसमें 21 हजार से अधिक स्वयंसेवक और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में देश की सुरक्षा, समाज परिवर्तन और व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर जोर दिया।
भागवत ने कहा कि आदत बदलने के बिना किसी भी प्रकार का परिवर्तन संभव नहीं है। जैसा समाज चाहिए, वैसा व्यक्ति और संगठन होना चाहिए। उन्होंने पिछली पहलगाम घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि देश और नेतृत्व ने पूरी तैयारी के साथ जवाब दिया। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से सजग रहने और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
संघ प्रमुख ने वैश्विक संबंधों और आत्मनिर्भरता पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि आज एक अकेला राष्ट्र पूरी तरह स्वतंत्र रूप से नहीं रह सकता, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ाव आवश्यक है। हालांकि यह जुड़ाव मजबूरी में नहीं होना चाहिए, बल्कि स्वेच्छा और आत्मनिर्भरता के साथ होना चाहिए। भागवत ने हिंसा के प्रति असहिष्णुता जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीकों से ही बदलाव संभव हैं।
उन्होंने मौजूदा अर्थव्यवस्था की चुनौतियों, वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका और प्राकृतिक प्रकोपों का हवाला देते हुए कहा कि देश को स्वयं को मजबूत और सुरक्षित बनाना होगा। भागवत ने नई पीढ़ी में देशभक्ति और समाज सुधार की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में आरएसएस के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि संघ में जातिवाद नहीं है और सभी स्वयंसेवकों के साथ समान व्यवहार होता है। उन्होंने संगठन के संस्थापक डॉ. हेडगेवार, गुरुजी और रज्जू भैया को श्रद्धांजलि अर्पित की और संघ की शाखाओं के माध्यम से समाज निर्माण और देशभक्ति के संदेश पर जोर दिया।
कार्यक्रम में शस्त्र पूजन, योग, प्रदक्षिणा और पथ संचालन का आयोजन किया गया। संघ के 83 हजार से अधिक शाखाओं में विजयादशमी उत्सव का आयोजन समान रूप से हुआ। भागवत ने सभी से कहा कि समाज परिवर्तन व्यक्तिगत प्रयासों से शुरू होता है और व्यक्ति निर्माण के माध्यम से ही सामाजिक विकास संभव है।
यह समारोह आरएसएस के स्थायित्व, अनुशासन और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य को दर्शाता है।





