छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक: शासकीय सेवकों, दिव्यांगजनों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े फैसले

रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में यह तय किया गया कि शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है, साथ ही एमओयू के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई।
दिव्यांगजनों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया राशि 24.50 करोड़ रुपये एकमुश्त वापस करने का निर्णय लिया। इस निगम के माध्यम से राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा हेतु न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
शिक्षा क्षेत्र में विशेष पहल के तहत मंत्रिपरिषद ने 100 स्पेशल एजुकेटर की सीधी भर्ती को मंजूरी दी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 में एक बार के लिए छूट प्रदान की गई है। चयन परीक्षा के स्थान पर इस बार मेरिट के आधार पर भर्ती की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो रहे वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ जैन को भावभीनी विदाई दी गई, वहीं 1994 बैच के IAS अधिकारी विकास शील का बतौर नए मुख्य सचिव स्वागत किया गया।





