लद्दाख हिंसा में विदेशी और राजनीतिक साजिश का आरोप, उपराज्यपाल ने बताया नेपाली कनेक्शन

लद्दाख में हाल ही में भड़की हिंसा की जांच चल रही है और जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस का दावा है कि इस मामले में पूर्व योजना के तहत हिंसा भड़काई गई थी। उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सुरक्षाबलों के साथ बैठक के बाद बताया कि हिंसा में विदेशी नागरिकों की भी भागीदारी रही। शुरुआती जांच में पता चला कि कई नेपाली नागरिक और नाबालिग इसमें शामिल थे। अब तक 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कुछ नाबालिग भी हैं।
गुप्ता ने बताया कि इस हिंसा को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था। लेह में स्थित बीजेपी कार्यालय को भी आग लगाने में विदेशी नागरिकों की भूमिका रही। उन्होंने कहा कि इसमें एक राजनीतिक पार्टी भी शामिल थी जिसने बाहरी लोगों को बुलाकर स्थानीय आबादी को उकसाया। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के माध्यम से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही हैं।
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे साजिश थी। वहीं, लेह एपेक्स बॉडी ने इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि हिंसा स्थानीय मांगों के न सुने जाने के कारण भड़की थी। उनके अनुसार हिंसा में शामिल लोग स्थानीय ही थे और उपराज्यपाल का बयान ध्यान भटकाने वाला है।
लेह एपेक्स बॉडी ने पुलिस और जांच एजेंसियों द्वारा स्थानीय लोगों और नाबालिगों के खिलाफ कार्रवाई की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को जेल में डालना और उनके खिलाफ बल प्रयोग करना अस्वीकार्य है। उनका यह भी कहना है कि प्रदर्शन जारी रहेगा और स्थानीय लोगों की मांगों को अनसुना नहीं किया जा सकता।
इस मामले ने लद्दाख में कानून व्यवस्था और राजनीतिक साजिश के बीच संतुलन को चुनौती दी है। जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही हिंसा के पीछे की सच्चाई सामने आएगी।





