जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: एक्सप्रेस-वे, मेट्रो और बस से जुड़ जाएगी दिल्ली-NCR

नोएडा के जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 अक्टूबर 2025 को होगा। यह एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा और एशिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जा रहा है। 5,845 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस एयरपोर्ट में 6 रनवे और 4 टर्मिनल बनाए गए हैं। पहले फेज में यहां से 1.2 करोड़ यात्री यात्रा करेंगे, जबकि अंतिम फेज (2040-50) में यह संख्या 7 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
इस एयरपोर्ट के बनने से दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा और दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद के साथ-साथ आसपास के शहरों जैसे अलीगढ़, आगरा, बुलंदशहर और हाथरस के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। सरकार ने एयरपोर्ट तक आसान कनेक्टिविटी बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।
डीएमआरसी मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा। इसकी लंबाई करीब 74 किलोमीटर होगी और मेट्रो ट्रेन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यह कॉरिडोर नोएडा के नॉलेज पार्क से जेवर एयरपोर्ट तक विभिन्न फेज में बनाया जाएगा। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए एलिवेटेड रोड और इंटरचेंज भी तैयार किए जाएंगे।
बस सेवा के माध्यम से भी कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक तीन बस रूट फाइनल किए गए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण रूट जेवर एयरपोर्ट से ग्रेटर नोएडा के परी चौक तक है। दूसरा रूट रबूपुरा से नोएडा सेक्टर-37 बॉटनिकल गार्डन तक और तीसरा रूट यीडा क्षेत्रीय दफ्तर से दनकौर, सेक्टर-17 होते हुए भंगेल तक जाएगा।
शुरुआती दिनों में जेवर एयरपोर्ट से चंडीगढ़, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद और जयपुर के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध होंगी। बाद में यह संख्या बढ़ाई जाएगी।
इस एयरपोर्ट के बन जाने से न केवल दिल्ली-NCR बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के आसपास के जिलों के व्यापारियों और यात्रियों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी। एक्सप्रेस-वे, मेट्रो और बस सेवाओं के माध्यम से एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद सरल और तेज़ होगा, जिससे यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में और भी विकसित होगा।





