राजस्थान और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर और मध्य भारत प्रभावित

मौसम विभाग ने राजस्थान और गुजरात में 8 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रेड अलर्ट के तहत इन राज्यों के ज्यादातर जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। दक्षिणी-पूर्वी पाकिस्तान से लगे राजस्थान और कच्छ पर बने गहरे दबाव के कारण यह क्षेत्र और उत्तरी गुजरात भारी बारिश की चपेट में रह सकता है। साथ ही सौराष्ट्र और कच्छ के कई हिस्सों में भी भयंकर वर्षा की आशंका है।
पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगहों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं और नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार ऊँचा रहा है। भारी बारिश के कारण उत्तर और मध्य भारत के कई क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 8 से 10 सितंबर के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में 12-14 सितंबर के दौरान, जबकि नागालैंड और मणिपुर में 11-12 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 11-12 सितंबर को ओडिशा के कई जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है।
उत्तराखंड के कई जिलों में 8, 12 और 13 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12-13 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11-12 सितंबर को मध्य से भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में 14 सितंबर तक भारी बारिश का असर रह सकता है। छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8-14 सितंबर के बीच और बिहार में 8-13 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आम जनता को सुरक्षित रहने और नदी-नाले के किनारे जाने से बचने की आवश्यकता है। किसानों, ग्रामीण इलाकों के लोगों और सड़क यातायात पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। राजधानी दिल्ली में अगले 4-5 दिनों तक मौसम सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन आसपास के राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
इस वर्ष मानसून की सक्रियता और निचले दबाव की स्थिति से भारत के कई हिस्सों में बाढ़ और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।





