महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन के दौरान हादसे, करंट और डूबने से कई लोगों की मौत

महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन के दौरान कई जिलों में हादसों की खबरें सामने आई हैं। मुंबई, विरार, नांदेड, पुणे और ठाणे समेत अलग-अलग जगहों पर डूबने और करंट लगने से कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ अब भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और मछुआरों की मदद से कई लोगों को बचा लिया गया, लेकिन कई जानें चली गईं।
विरार के मारंबळ पाडा जेट्टी पर तीन लोग समुद्र की गहराई में फंस गए। मौके पर मौजूद सुवर्णदुर्ग रो-रो सेवा के कर्मचारी और स्थानीय मछुआरों ने स्पीड बोट की मदद से तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें एक महिला भी शामिल थी।
मुंबई के साकीनाका इलाके में खैरानी रोड स्थित एस. जे. स्टूडियो के पास टाटा पावर की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से पांच श्रद्धालु करंट से झुलस गए। इस हादसे में बिनू शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नांदेड के गाडेगांव शिवार स्थित आसना नदी में विसर्जन के दौरान तीन लोग डूब गए। इनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि बालाजी उबाळे और योगेश उबाळे अब भी लापता हैं। एसडीआरएफ की टीम उनकी तलाश कर रही है। पुणे के चाकण क्षेत्र में चार श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई।
ठाणे जिले के शहापुर में आसनगांव मुंडेवाड़ी स्थित भारंगी नदी के गणेश घाट पर पांच लोग डूब गए। इनमें से दो को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रतिक मुंढे (24) का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दो अन्य की तलाश अब भी जारी है। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हर साल की तरह इस बार भी गणेश विसर्जन में हजारों की भीड़ शामिल हुई। भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों के बीच कई जगहों पर हादसे हुए। इन घटनाओं ने गणेशोत्सव की खुशियों को गमगीन कर दिया और प्रशासन की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





