चक्रधर समारोह में न करें राजनीति: राकेश शर्मा

रायगढ़: इस बार चक्रधर समारोह को लेकर जारी बयानबाजी पर छत्तीसगढ़ी जसगीत गायक और भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के विशेष आमंत्रित सदस्य राकेश शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह समारोह कला की अभिव्यक्ति का बड़ा मंच है और इसे राजनीति या विवादों में घसीटना कलाकारों और कला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
राकेश शर्मा ने कहा कि इस मंच से कई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान मिली है। कलाकार हमेशा विवादों से दूर रहना चाहता है। समारोह का दायरा बढ़ना कलाकारों के लिए खुशी की बात है और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी कला के लिए लाभदायक होती है।
उन्होंने याद दिलाया कि राज्य गठन के बाद भाजपा सरकार ने इस समारोह को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया था। रमन सिंह सरकार के 15 सालों में चक्रधर समारोह की पहचान देशभर में बनी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी “मन की बात” कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोककला और कलाकारों का उल्लेख कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया।
वर्तमान सरकार की पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 70 एकड़ में फिल्म सिटी बनाने की घोषणा छत्तीसगढ़ी कलाकारों के लिए बड़ा अवसर है। इससे कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और लोककला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का रास्ता खुलेगा।
कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए राकेश शर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल के पांच सालों में केवल दो बार ही चक्रधर समारोह हुआ, जिससे परंपरा टूट गई। उनके कार्यकाल में कुल 86 कार्यक्रम हुए, जबकि भाजपा सरकार ने सिर्फ दो सालों में 140 आयोजन करवा कर नया कीर्तिमान बनाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा कलाकारों और उनकी कला का सम्मान करती है। वहीं कांग्रेस मंच की गरिमा को बनाए रखने के बजाय राजनीति कर रही है। कलाकारों को स्थानीय और बाहरी की सीमा में बांधना कला का अपमान है।
राकेश शर्मा ने अपील की कि सभी को मिलकर चक्रधर समारोह की गरिमा को बनाए रखना चाहिए, क्योंकि यही छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की असली पहचान है।





