झांसी जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर ने कारोबारी को दी जान से मारने की धमकी

उत्तर प्रदेश के झांसी में जेल प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां झांसी जेल में बंद कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र राजपूत ने एक मोटर पार्ट्स कारोबारी को फोन कर जान से मारने की धमकी दी। वीरेंद्र का नाम इलाके के सबसे खतरनाक अपराधियों में शामिल है और उस पर रंगदारी, लूट, धमकी और मारपीट जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं।
जानकारी के मुताबिक, चिरगांव के पहाड़ी चुंगी निवासी कारोबारी अनिल कुमार जैन की दुकान पर वीरेंद्र राजपूत ने अप्रैल में 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस दौरान उसने एक महिला की जबरन अश्लील तस्वीर खींची और तमंचे के बल पर धमकाया। शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने 5 मई को मुठभेड़ में वीरेंद्र को गिरफ्तार किया था। गोली लगने के बाद उसे जेल भेजा गया था।
लेकिन जेल की सलाखों में बंद रहने के बावजूद उसकी दबंगई कम नहीं हुई। कारोबारी का आरोप है कि 8 अगस्त को वीरेंद्र ने सीधे जेल से उसे फोन कर धमकाया। उसने कहा कि “तुम्हारी वजह से गोली खानी पड़ी, अब इतनी गोली मरवाऊंगा कि शक्ल पहचान नहीं पाओगे।” यह धमकी 46 सेकेंड की कॉल रिकॉर्डिंग में दर्ज है। कारोबारी और उसका परिवार इस धमकी से दहशत में है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर के पास फोन कैसे पहुंचा? पीड़ित का कहना है कि पहले भी उसे धमकी भरे कॉल आ चुके हैं, लेकिन डर के कारण वह सामने नहीं आ सका। अब बार-बार धमकी मिलने पर उसने पुलिस से शिकायत की है।
पुलिस ने कारोबारी की तहरीर पर वीरेंद्र राजपूत के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एसपी ग्रामीण अरविंद कुमार ने बताया कि संभव है आरोपी ने कोर्ट पेशी के दौरान किसी से मोबाइल लिया हो। कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीरेंद्र राजपूत झांसी और आसपास के इलाके में लंबे समय से खौफ का दूसरा नाम बना हुआ है। पुलिस की गोली खाने और जेल जाने के बाद माना जा रहा था कि उसकी गुंडई खत्म हो जाएगी, लेकिन अब जेल से ही धमकी भरे कॉल आने पर उसकी दबंगई का नया चेहरा सामने आ गया है।





