रायपुर में पहली बार राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन, 28 राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधि

रायपुर। राजधानी रायपुर के जैनम मानस भवन में दो दिवसीय राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन की शुरुआत हुई। यह पहला मौका है जब देशभर के बुनकर एक ही मंच पर जुटे हैं। सहकार भारती द्वारा आयोजित इस अधिवेशन में 28 राज्यों से आए बुनकर संघों के एक हजार से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए।
उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता को मजबूत करने के लिए कई काम किए जा रहे हैं।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति में बुनकरों का अहम योगदान रहा है। सहकारिता से उनकी आजीविका और सामाजिक स्थिति और मजबूत हो सकती है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि राज्य में करीब 20 हजार हाथकरघा हैं, जिनसे 60 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। साथ ही 329 बुनकर सहकारी समितियां सरकारी वस्त्र उत्पादन में सक्रिय हैं।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बुनकरों की मजदूरी में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जिससे 60 हजार लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री दीपक कुमार चौरसिया ने बताया कि देश में करीब ढाई करोड़ लोग बुनकरी से जुड़े हुए हैं और हर साल 3500 करोड़ रुपए के कपड़ों का निर्यात होता है, जिसमें 15 प्रतिशत योगदान बुनकरों का है।
अधिवेशन में देशभर के बुनकर संघ अपनी समस्याओं और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे। इस दौरान कपड़े, हस्तशिल्प और वनोत्पादों की प्रदर्शनी-सह-बिक्री का भी आयोजन किया गया है।





