ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर बने भारत में नए अमेरिकी राजदूत

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्जियो गोर को भारत का नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया है। इसके साथ ही उन्हें दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। गोर हाल ही में एलन मस्क के साथ हुए विवाद और अपनी रूस यात्रा को लेकर चर्चा में रहे थे। नवंबर 2024 से वह व्हाइट हाउस राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय के निदेशक के रूप में कार्यरत थे।
सर्जियो गोर का जन्म 1986 में उज्बेकिस्तान (तत्कालीन सोवियत संघ) में हुआ। उनका परिवार कुछ समय माल्टा में रहा और 1999 में अमेरिका आकर बस गया। गोर ने अपनी पढ़ाई लॉस एंजिल्स और वाशिंगटन डीसी में की। उन्होंने राजनीति में शुरुआत जॉन मैककेन के 2008 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से की और बाद में सीनेटर रैंड पॉल के साथ भी काम किया। जून 2020 में उन्होंने ट्रंप विक्ट्री फाइनेंस कमेटी में चीफ स्टाफ की जिम्मेदारी संभाली और इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के सलाहकार बने।
गोर का नाम तब सुर्खियों में आया जब एलन मस्क ने उन्हें लेकर तीखी टिप्पणी की। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि गोर ने अपनी सुरक्षा मंजूरी के लिए जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं किए थे। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि उनकी मंजूरी सक्रिय है।
रूस से भी गोर के तार जुड़े रहे हैं। 2018 में वह सीनेटर पॉल के साथ मास्को की यात्रा पर गए थे। एक लीक रिकॉर्ड के अनुसार, 2017 में भी वह रूस गए थे, लेकिन उस यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट नहीं हो पाया।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर गोर की नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा कि सर्जियो मेरे करीबी और भरोसेमंद साथी हैं। उन्होंने मेरे अभियानों और प्रकाशन कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ट्रंप ने यह भी बताया कि गोर ने उनके आंदोलन का समर्थन करने वाले सबसे बड़े सुपर पैक का संचालन किया।
नए राजदूत बनाए जाने पर गोर ने ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि भारत में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में अमेरिकी लोगों की सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है।
इससे पहले एरिक गार्सेटी भारत में अमेरिकी राजदूत थे, जिन्होंने 2023 से 2025 तक यह जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल के बाद यह पद खाली था, जिसे अब सर्जियो गोर ने संभाल लिया है।





