5 बातें जान लेंगे तो क्रेडिट कार्ड फ्रॉड से रहेंगे सुरक्षित

नई दिल्ली। देश में क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में एसबीआई (SBI) के ग्राहकों के साथ एक बड़ा घोटाला सामने आया, जिसमें 350 से अधिक लोगों को करीब 2.6 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। पुलिस ने छह महीने की जांच के बाद इस फ्रॉड गैंग से जुड़े 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में कॉल सेंटर के कर्मचारी, स्थानीय एजेंट, सिम कार्ड सप्लायर और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करने वाले लोग शामिल थे।
ऐसे मामलों से बचने के लिए विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सतर्क रहकर कुछ आसान नियमों का पालन करना चाहिए। सबसे पहला नियम है—कभी भी अपने क्रेडिट कार्ड का ओटीपी, सीवीवी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बैंक कभी भी फोन या मैसेज पर इस तरह की जानकारी नहीं मांगते।
दूसरा, अगर बैंक से किसी कॉल पर जानकारी मांगी जाती है तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें। इसके लिए सीधे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर कॉल करें। संदिग्ध कॉल पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
तीसरा, अपने बैंक खाते और कार्ड से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखें। मोबाइल पर एसएमएस या ईमेल अलर्ट जरूर चालू करें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तुरंत बैंक और पुलिस को दें।
चौथा, डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से बचें और अपने मोबाइल व बैंकिंग ऐप को हमेशा अपडेट रखें। किसी भी ऐप को केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म जैसे गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
पांचवां और सबसे अहम, अगर आपको किसी भी तरह की धोखाधड़ी का शक हो तो तुरंत अपने क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कराएं। बैंक को सूचना देने के साथ-साथ साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस में शिकायत दर्ज करें।
इन पांच बातों का ध्यान रखने से न केवल धोखाधड़ी से बचा जा सकता है बल्कि आर्थिक नुकसान को भी काफी हद तक रोका जा सकता है।





