राहुल गांधी को अगला पीएम, तेजस्वी यादव सीएम फेस; वोटर अधिकार यात्रा से दिखी कांग्रेस-RJD की केमिस्ट्री

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और आरजेडी मिलकर वोटर अधिकार यात्रा निकाल रही हैं। इस यात्रा ने महागठबंधन की रणनीति को नए सिरे से गति दी है। आरजेडी जहां तेजस्वी यादव को सीएम फेस मान रही है, वहीं कांग्रेस राहुल गांधी को अगला प्रधानमंत्री प्रोजेक्ट कर रही है। इस यात्रा के जरिए दोनों दल न केवल जनता तक बल्कि कार्यकर्ताओं तक भी अपनी राजनीतिक केमिस्ट्री पहुंचा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यात्रा से पहले गठबंधन दलों में तीन बिंदुओं पर सहमति बनी। पहला, कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर जनता को जोड़ने की अपील की गई। दूसरा, यात्रा के दौरान किसी तरह की अराजकता या हुड़दंग न हो, इसके लिए कार्यकर्ताओं के बीच संयम बनाए रखने पर जोर दिया गया। तीसरा, कांग्रेस ने यूपी की तर्ज पर दलित और ईबीसी वोटबैंक में सेंधमारी की रणनीति बनाई है।
यात्रा में कई विरोधी धड़े भी एकजुट नजर आ रहे हैं। कन्हैया कुमार और पप्पू यादव जैसे नेता, जो पहले एक-दूसरे के खिलाफ थे, अब साथ चलते दिखाई दे रहे हैं। इसका संदेश साफ है कि महागठबंधन अंदर से मजबूत है और जनता तक यही तस्वीर पहुंचाई जा रही है।
राज्यसभा सांसद संजय यादव ने कहा कि “बिहार के सीएम अचेत अवस्था में हैं और देश का पीएम 75 की उम्र पार कर चुका है। अब देश और राज्य की नजर इन दो युवाओं पर है।” बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावेरु ने कहा कि “यात्रा में हर दल का झंडा साथ दिख रहा है। जनता वोट चोरी नहीं होने देगी।”
महागठबंधन ने यात्रा में बड़े नेताओं को जोड़ने की भी तैयारी की है। सीतामढ़ी में अखिलेश यादव की एंट्री तय है, जबकि ममता बनर्जी, स्टालिन और हेमंत सोरेन को भी शामिल करने की योजना है। कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी, खरगे, सचिन पायलट, रणदीप सुरजेवाला जैसे नेताओं को लाने की रणनीति बनी है।
वोटर अधिकार यात्रा में बेरोजगारी, पलायन, महंगाई, किसान और विकास जैसे मुद्दों पर भी जोर रहेगा। महागठबंधन का लक्ष्य है कि जनता के बीच यह संदेश जाए कि विपक्ष ही उनकी असली आवाज है।





