हिस्ट्रीशीटर तोमर ब्रदर्स की मोहलत खत्म, आज कर सकते है सरेंडर

रायपुर। सूदखोरी, मारपीट और अवैध हथियार रखने के आरोप में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर विरेंद्र तोमर और रोहित तोमर को कोर्ट में पेश होने को मिली राहत सोमवार 18 अगस्त को खत्म हो रही है।
आरोपी भाई यदि आज कोर्ट नहीं पहुंचे, तो पुलिस उनकी करोड़ों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर देगी। पुलिस महकमें के अधिकारी सूदखोर भाईयों को एफआईआर दर्ज करने के बाद लगातार तलाश रहे है। अफसरों ने कार्रवाई तेज कर दी है। वहीं सूत्रों के अनुसार हिस्ट्रीशीटर भाई कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी कर रहे है। आरोपी कोर्ट में आज पेश कर सकते है। पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों पर नजर रखी हुई है।
एसएसपी ने की है ईनाम की घोषणा
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने दोनों सूदखोर भाइयों पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों भाइयों की चार संपत्तियों की पहचान की गई है। इनमें एक संपत्ति रोहित और तीन संपत्तियां वीरेंद्र के नाम पर हैं। पुलिस ने कोर्ट में आवेदन देकर कुर्की की अनुमति मांगी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर कलेक्टर को प्रतिवेदन भेज दिया है।
दो महीने से फरार चल रहे आरोपी
5 जून को पुरानी बस्ती थाने में दोनों भाइयों पर बीएनएस की धारा 308(2), 111(1) और छत्तीसगढ़ प्राणियों के संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद से दोनों फरार हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी फरारी के दौरान गंभीर अपराध कर सकते हैं, इसलिए रेगुलेशन के पैरा 40-ए के तहत इनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है।
अंडा ठेले से सूदखोरी तक का सफर
तोमर बंधु मूल रूप से उत्तरप्रदेश के प्रतापपुर के रहने वाले हैं। वे 2007-08 में रायपुर आए थे और शुरुआती दिनों में अंडा ठेला लगाकर गुजर-बसर करते थे। धीरे-धीरे दोनों ने सूदखोरी का धंधा शुरू किया। वे लोगों को पांच हजार रुपए कर्ज देकर उस पर 10 से 15 प्रतिशत ब्याज वसूलते थे। देखते ही देखते उन्होंने सूदखोरी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। महज चार साल में उन्होंने माठागांव में पांच हजार वर्गफीट जमीन पर करोड़ों की हवेली खड़ी कर ली। आरोपियों के खिलाफ कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत की है। आरोपियों की फरारी के दौरान उनके कारनामों के कई ऑडियो और वीडियो भी वायरल हुए है।
आरोपियों के ठिकानों से अब तक ये जब्त किया पुलिस ने
- 35.10 लाख नकद
- 71 तोले सोने के आभूषण
- 125 तोले चांदी
- बीएमडब्ल्यू और थार जैसी गाड़ियां
- लैपटॉप
- आईपैड
- डीवीआर
- चेकबुक
- जमीन की रजिस्ट्री समेत कई दस्तावेज
- एक रिवॉल्वर
- एक पिस्टल
- पांच तलवारें
- जिंदा कारतूस और आवाजी कारतूस
आरोपियों के ऑफिस पर पुलिस चला चुकी बुलडोजर
सूदखोर भाईयों के कार्यालय पर बीते दिनों नगर निगम की टीम पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चला चुकी है। नगर निगम अधिकारियों का दावा है, कि ये अवैध रुप से निर्माण किया गया था। पुलिस अफसरों के अनुसार आरोपी इसी ऑफिस में बैठकर अवैध काम को अंजाम देते थे।





