पायलट ड्यूटी नियम तोड़ने पर DGCA की एयर इंडिया को कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया के सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर कैंपबेल विल्सन को पायलट ड्यूटी घंटों पर दी गई छूट के कथित दुरुपयोग को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। DGCA ने कहा कि एयरलाइन ने पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद दी गई अस्थायी छूट का गलत इस्तेमाल किया और निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया। यह छूट केवल उन उड़ानों के लिए थी जो पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरती थीं, लेकिन एयर इंडिया ने इसे अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी लागू कर दिया।
मामला 16 और 17 मई 2025 की दो उड़ानों से जुड़ा है, जो बेंगलुरु से लंदन गई थीं। जांच में पाया गया कि इन उड़ानों में पायलटों के ड्यूटी घंटे नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) के तहत निर्धारित अधिकतम 10 घंटे की सीमा से अधिक हो गए थे। साथ ही, कॉकपिट क्रू की संख्या भी मानक तीन से घटाकर दो कर दी गई थी। DGCA ने 20 जून को एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था कि उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) के उल्लंघन पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह गलती पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद दी गई अनुमति को सही तरह से न समझने के कारण हुई। उन्होंने बताया कि नियमों को स्पष्ट रूप से समझने के बाद स्थिति को ठीक कर लिया गया है और अब एयर इंडिया पूरी तरह से CAR मानकों का पालन कर रही है। हालांकि, DGCA ने अपने पत्र में चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और एयरलाइन को सभी नागरिक उड्डयन नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।





