अनिरुद्धाचार्य का बयान विवाद और सफाई, 14 साल की लड़कियों की शादी को लेकर कही ऐसी बात

प्रसिद्ध धार्मिक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य इन दिनों अपने एक विवादास्पद बयान को लेकर देशव्यापी आलोचना और विरोध का सामना कर रहे हैं। बयान में उन्होंने 14 साल की उम्र में लड़कियों की शादी को जायज़ ठहराते हुए वर्तमान समाज और महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसे महिला अपमान और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया जा रहा है।

क्या कहा अनिरुद्धाचार्य ने?
एक धार्मिक प्रवचन के दौरान अनिरुद्धाचार्य ने कहा:
“उन्होंने 14 साल की लड़कियों की शादी को लेकर ऐसी बात कह दी, . उन्होंने कहा-‘पहले 14 वर्ष की उम्र में शादी हो जाती थी तो वो परिवार में घुल-मिल जाती थीं,
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा:
कुछ लड़कियां लिव-इन में रहकर या कई रिश्ते बनाकर चार जगह मुँह मारकर जब किसी घर की बहू बनती हैं, तो क्या वे उस रिश्ते को निभा पाएंगी?”

देशभर में उबाल: महिलाओं ने जताया आक्रोश, फूंके पुतले
इस बयान के सामने आते ही देशभर में विरोध की लहर दौड़ गई।
राजस्थान, दिल्ली, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में महिला संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया
अनिरुद्धाचार्य के पुतले फूंके गए,बयान को महिला सम्मान पर हमला और कानूनी अपराध बताया गया
विरोध करने वालों का कहना है कि ये बयान न केवल अशालीन है बल्कि भारतीय कानून और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ भी है।

कथावाचक की सफाई: “सभी लड़कियों पर नहीं थी टिप्पणी”
बढ़ते विरोध के बीच अब अनिरुद्धाचार्य की सफाई भी सामने आई है।
उन्होंने कहा:
“मेरा उद्देश्य सभी लड़कियों पर टिप्पणी करना नहीं था। मैंने जो कहा, वह एक सामाजिक परिप्रेक्ष्य में था। अगर किसी को ठेस पहुंची हो, तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।”
हालांकि उनकी सफाई को लेकर भी लोगों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं।

भारत में 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों की शादी अवैध मानी जाती है और बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत अपराध है।

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