एमएसएमई की मदद पर बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए सवाल, केंद्र से मांगी जानकारी

नई दिल्ली/रायपुर।छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में छोटे उद्योगों यानी एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि बीते पांच सालों में सरकारी मंत्रालयों और कंपनियों ने एमएसएमई से कितनी खरीद की है। साथ ही यह भी जानकारी मांगी कि देशभर और खासकर छत्तीसगढ़ में कितने एमएसएमई रजिस्टर्ड हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी पूछा कि क्या केंद्र सरकार ने एमएसएमई नीति को राज्यों में लागू करने के लिए कोई दिशा-निर्देश दिए हैं? और अगर हां, तो उनका पूरा ब्यौरा क्या है। उन्होंने यह मांग भी रखी कि एमएसएमई नीति के बारे में उद्यमियों को जागरूक करने के लिए खास अभियान चलाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा ले सकें।
सरकार का जवाब – नीतियां बनी हैं, जागरूकता पर जोर
सरकार की ओर से जवाब देते हुए एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि
सार्वजनिक खरीद नीति साल 2012 से लागू है और 2018 में इसे संशोधित किया गया।
इसके तहत सरकारी कंपनियों को अपनी सालाना खरीद का कम से कम 25% एमएसएमई से करना जरूरी है।
इसमें 4% खरीद एससी/एसटी उद्यमियों से और 3% महिला उद्यमियों से होनी चाहिए।
358 प्रोडक्ट ऐसे हैं जो सिर्फ एमएसएमई से ही खरीदे जाते हैं।
एमएसएमई को बोली प्रक्रिया में फ्री दस्तावेज और कुछ शुल्कों में छूट मिलती है।
उन्होंने बताया कि 15 जुलाई 2025 तक देश में 6.58 करोड़ से ज्यादा एमएसएमई रजिस्टर्ड हैं। छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों का पूरा विवरण रिपोर्ट के अनुबंध-II में दिया गया है।
हालांकि यह नीति फिलहाल सिर्फ केंद्र सरकार के विभागों और सार्वजनिक कंपनियों पर लागू होती है, न कि राज्यों पर। लेकिन अब तक 26 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी नीतियां केंद्र के अनुरूप बना ली हैं।
उद्यमियों को जोड़ा जा रहा है सरकारी खरीदी से
सरकार ने बताया कि
GeM पोर्टल के जरिए एमएसएमई को सरकारी खरीद प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है।
SC/ST उद्यमियों के लिए खास ट्रेनिंग और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
सीपीएसई कंपनियां समय-समय पर जागरूकता कैंप भी करती हैं।
अग्रवाल का सुझाव: ज़मीन पर भी दिखना चाहिए असर
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार की नीतियां अच्छी हैं, लेकिन उनका सही क्रियान्वयन और उद्यमियों तक जानकारी पहुंचाना बहुत जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में खास जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि स्थानीय उद्यमी सशक्त बनें और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके।





