हसदेव जंगल कटाई पर सियासत गरमाई: कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य क्षेत्र में जंगल कटाई और कोल खनन को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। वन मंत्री केदार कश्यप ने दस्तावेजों के साथ दावा किया कि साल 2010 में कांग्रेस सरकार के दौरान ही हसदेव क्षेत्र को ‘गो एरिया’ घोषित कर कोयला खनन की राह खोली गई थी।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही इसे नो-गो से गो एरिया बनाया और बाद में कांग्रेस की सरकारों ने अडानी को खदान संचालन की अनुमति दी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने खुद पर्यावरण स्वीकृति की सिफारिशें भेजीं।
मंत्री कश्यप ने कांग्रेस से कई सवाल पूछते हुए कहा कि क्या वे मनमोहन सरकार के फैसलों पर माफी मांगेंगे और क्या बिजली का विरोध करने वाले खुद बिजली का उपयोग बंद करेंगे?
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि कोल खनन की अनुमति भाजपा सरकार ने 2015 के बाद दी। उन्होंने कहा कि केदार कश्यप आदिवासी होकर भी जंगल कटाई का विरोध नहीं कर रहे, जबकि कांग्रेस आदिवासी हक की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा में संकल्प पास कर खदानों का आवंटन रद्द करने की मांग की थी, जबकि भाजपा नेता अडानी के पक्ष में खड़े रहे। बैज ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों से ही छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की लूट हो रही है, जिसे कांग्रेस नहीं होने देगी।





