Chhattisgarh’s new tourist center : छत्तीसगढ़ का छिपा हुआ स्वर्ग, जनिये इस खास रिपोर्ट में
Chhattisgarh's new tourist center : छत्तीसगढ़ में बन सकता है पर्यटन का बड़ा केंद्र, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भरपूर यह स्थान न केवल पर्यटकों को लुभाएगा बल्कि स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देगा।

छत्तीसगढ़, Chhattisgarh’s new tourist center : बस्तर अंचल में प्रकृति की गोद में बसा एक अनजाना लेकिन बेहद खूबसूरत स्थल अब धीरे-धीरे देश और दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। हम बात कर रहे हैं कांकेर जिले के कानागांव के पहाड़ी जंगलों में बसे धारपारुम हिल स्टेशन की, जिसे अब तक का बस्तर क्षेत्र का सबसे बड़ा हिल स्टेशन माना जा रहा है।
कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित धारपारुम हिल स्टेशन, घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसा एक ऐसा स्थल है, जहां मानसून के दौरान प्रकृति अपनी सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है। यहां तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को उसेली मार्ग से होते हुए लगभग 5 किलोमीटर की कच्ची पगडंडी पर पैदल या दोपहिया वाहन से सफर करना पड़ता है। हालांकि यह रास्ता कठिन जरूर है, लेकिन जैसे ही कोई पर्यटक इस स्थल पर पहुंचता है, तो सामने फैला विशाल पठार, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों की श्रृंखलाएं और घने बादलों के बीच से झांकती सूर्य की किरणें किसी भी थके हुए यात्री की सारी थकान मिटा देती हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य का खजाना Chhattisgarh’s new tourist center
धारपारुम की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंचाई पर बसा होना है, जहां से आसपास के कई गांवों का नज़ारा एक साथ देखा जा सकता है। बरसात के दिनों में यह इलाका और भी ज्यादा आकर्षक हो जाता है, जब बादलों की घनघोर घटाएं पूरे क्षेत्र को अपनी चादर में ढंक लेती हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली, शांति और ठंडी हवाओं का ऐसा अद्भुत संगम छत्तीसगढ़ के अन्य पर्यटन स्थलों में कम ही देखने को मिलता है।
यहां का व्यू पॉइंट विशेष रूप से लोगों को बहुत भाता है, जहां से कई किलोमीटर तक फैली पहाड़ियों की शृंखला और घाटियां साफ दिखाई देती हैं। ठंड और मानसून में यह इलाका किसी भी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता। यही कारण है कि हर साल हजारों देशी और विदेशी पर्यटक इसकी खूबसूरती का दीदार करने यहां पहुंचते हैं।
टाटामारी से भी बड़ा
धारपारुम को बस्तर के प्रसिद्ध हिल स्टेशन टाटामारी से भी बड़ा बताया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि अगर इस क्षेत्र को सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाए, तो यह न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और प्रमुख हिल स्टेशन बन सकता है।
अब तक नक्सली गतिविधियों के कारण यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से उपेक्षित रहा है। लेकिन अब जैसे-जैसे नक्सली मूवमेंट कम हो रहा है, वैसे-वैसे उत्तर बस्तर के सुंदर प्राकृतिक स्थल उभर कर सामने आ रहे हैं। यह हिल स्टेशन उन्हीं में से एक है, जिसे लेकर प्रशासन भी अब गंभीर होता दिखाई दे रहा है। Chhattisgarh’s new tourist center
जिला प्रशासन की पहल
कांकेर कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर ने धारपारुम के संबंध में कहा है कि उन्हें इस खूबसूरत स्थल की जानकारी दैनिक भास्कर डिजिटल के माध्यम से मिली है और वह खुद इसकी प्राकृतिक सुंदरता से काफी प्रभावित हैं। कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन इस स्थल को पर्यटन की दृष्टि से बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आ सकें।
फिलहाल स्थानीय वन समिति इस क्षेत्र में काम कर रही है और पर्यटकों को सुविधाएं देने के लिए प्राथमिक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कलेक्टर के अनुसार, क्षेत्र का विकास प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा, ताकि इसका मूल स्वरूप नष्ट न हो और पर्यटक भी यहां की असली खूबसूरती का आनंद उठा सकें।Chhattisgarh’s new tourist center





