रायपुर में स्काईवॉक अधूरा, 36 करोड़ फिजूल चले गए: CAG

रायपुर।  राजधानी रायपुर में वर्षों से विवाद का कारण बने स्काई वॉक पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, यह परियोजना बिना किसी उपयोगिता के अधूरी रह गई, जिससे सरकारी खजाने से खर्च हुए 36.82 करोड़ रुपये फिजूल चले गए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन यह रिपोर्ट सदन में पेश की। रिपोर्ट में कहा गया कि स्काई वॉक निर्माण जल्दबाजी में शुरू किया गया, और परियोजना को प्रशासनिक व तकनीकी मंजूरी के बिना ही आगे बढ़ाया गया। कंसल्टेंट की रिपोर्ट पूरी होने से पहले ही टेंडर जारी कर कार्यादेश दे दिया गया, जिससे निर्माण बाधित हुआ। साथ ही, डिजाइन में बार-बार बदलाव से लागत बढ़ती गई और काम लटक गया।

अब इस परियोजना को फिर से शुरू करने की तैयारी हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसके लिए 37 करोड़ 75 लाख रुपये मंजूर किए हैं। नई योजना के तहत लगभग 1.5 किमी लंबे स्काईवॉक में 12 स्थानों पर एस्केलेटर और दो विशेष सीढ़ियां लगाई जाएंगी। काम की जिम्मेदारी पीएसएस कंस्ट्रक्शन, रायपुर को सौंपी गई है।

इसी रिपोर्ट में सीएजी ने अरपा-भैंसाझार परियोजना को भी आड़े हाथों लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वन, पर्यावरण और जल आयोग से मंजूरी के बिना ही काम शुरू किया गया, जिससे लागत और समय बढ़ा। दस साल बीतने के बाद भी यह परियोजना अधूरी है।

 

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