B.Ed entrance exam : छत्तीसगढ़ में B.Ed की एंट्रेंस परीक्षा खत्म, जानिए पूरी रिपोर्ट
B.Ed entrance exam : छत्तीसगढ़ में बदल रहा शिक्षक बनने का रास्ता, अब नहीं देना होगा B.Ed एंट्रेंस एग्जाम, सीधे मिलेगा दाखिला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने की राह अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। (B.Ed entrance exam) राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने बड़ा बदलाव करते हुए एक ऐसा प्रस्ताव शासन को भेजा है, जिससे अब बीए-बीएड और बीएससी-बीएड जैसे चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिले के लिए कोई एंट्रेंस एग्जाम नहीं देना होगा। यानी अब छात्र सीधे 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला ले सकेंगे।
यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब परंपरागत दो वर्षीय बीएड कोर्स को समाप्त किया जा रहा है, और उसकी जगह चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस बदलाव से छात्र न केवल एक वर्ष बचा सकेंगे, बल्कि प्रवेश प्रक्रिया भी कहीं ज्यादा पारदर्शी और सहज हो जाएगी।
कब और कैसे होगा दाखिला?
SCERT ने संकेत दिए हैं कि अगस्त 2025 से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके तहत 12वीं की मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर कॉलेज आवंटित किए जाएंगे। राज्य भर के 300 कॉलेजों में करीब 6,700 सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा।
कौन होगा पात्र? (B.Ed entrance exam)
इस इंटीग्रेटेड कोर्स में वे छात्र आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो। विषयों के अनुसार छात्रों को बीए-बीएड (आर्ट्स) या बीएससी-बीएड (साइंस) कोर्स का विकल्प मिलेगा। मेरिट लिस्ट में आए छात्रों को ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए सीट अलॉट की जाएगी।
बदलाव क्यों जरूरी था?
अब तक शिक्षक बनने के लिए पहले ग्रेजुएशन और फिर बीएड कोर्स करना अनिवार्य होता था, जिसमें कुल मिलाकर 5 साल लगते थे। नई व्यवस्था से यह समय घटकर 4 साल रह जाएगा। साथ ही, प्रवेश प्रक्रिया में प्रवेश परीक्षा की अनिवार्यता खत्म होने से आर्थिक और मानसिक दबाव भी कम होगा। (B.Ed entrance exam)





